दिल्ली बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13,034 करोड़ रुपये आवंटित, स्वास्थ्य मंत्री बोले- बजट “उपचार अधिकार है, उपकार नहीं” के सिद्धांत पर आधारित
- चिकित्सा उपकरणों और मशीनरी की खरीद के लिए 787 करोड़ रुपये आवंटित
- एमबीबीएस सीट 595 से बढ़ाकर 820 और पीजी सीट 553 से बढ़ाकर 762 की
नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने व्यापक और जनकल्याणकारी बजट के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य विभाग के लिए 13,034 करोड़ रुपये का प्रावधान सभी के लिए सुलभ, किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की सरकार दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि यह बजट “उपचार अधिकार है, उपकार नहीं” के सिद्धांत पर आधारित है और इसके साथ ही हरित, जाम-मुक्त और नागरिक-केंद्रित परिवहन प्रणाली को भी आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि सरकार दोनों क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं को पूरा करते हुए सेवा वितरण को सुदृढ़ कर रही है।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 13,034 करोड़ रुपये का प्रावधान प्राथमिक स्तर से लेकर गंभीर सेवाओं तक एक मजबूत, समावेशी और किफायती स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि लंबित परियोजनाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता के तहत मदनपुर खादर, सिरसपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी सहित विभिन्न अस्पतालों में अधोसंरचना कार्यों को गति देने के लिए 515 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल, बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में उन्नयन कार्य किए जाएंगे। लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल और सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल का निर्माण भी पूर्ण किया जाएगा। साथ ही सात आईसीयू अस्पतालों में निर्माण के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) के माध्यम से दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और मशीनरी की खरीद के लिए 787 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के अंतर्गत दिल्ली में योजना का विस्तार करते हुए राशन कार्ड धारकों, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विधवाओं और दिव्यांगजनों को शामिल किया गया है, जिससे लगभग 7.5 लाख लाभार्थियों को कवर किया जाएगा। अब इस योजना का विस्तार ट्रांसजेंडर समुदाय तक भी किया जाएगा, जिसके लिए 202 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए पीएम-एबीएचआईएम के तहत 1,500 करोड़ रुपये की संयुक्त लागत से 750 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 11 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब और 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार के सहयोग से गुरु तेग बहादुर अस्पताल में लगभग 200 करोड़ की लागत से ट्रॉमा सेंटर सहित नई स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार किया जा रहा है, जिसमें एमबीबीएस सीटों को 595 से बढ़ाकर 820 और पीजी सीटों को 553 से बढ़ाकर 762 किया गया है। साथ ही द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना केलिए 50 करोड़ तथा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में छात्रावास सुविधाओं के लिए भी प्रावधान किया गया है।
अनमोल (एडवांस्ड न्यूबोर्न मॉनिटरिंग एंड ऑप्टिमल लाइफकेयर)) योजना के तहत नवजात शिशुओं की 56 आनुवंशिक बीमारियों की जांच एक ही रक्त नमूने से नि:शुल्क की जाएगी, जिससे समय रहते उपचार संभव होगा। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में रियल-टाइम वेंटिलेटर एवं बेड उपलब्धता निगरानी प्रणाली, डिजिटल ब्लड बैंक और डोनर रजिस्ट्री विकसित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव