भगवान बिरसा मुंडा का जीवन सामाजिक न्याय और जनजातीय अधिकारों के संघर्ष का अमर प्रतीक : रविंद्र इंद्राज सिंह

 


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने मंगलवार को भगवान बिरसा मुंडा की पुण्य तिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन, सामाजिक अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए जनजातीय समाज को स्वाभिमान, संगठन और अधिकारों की शक्ति का परिचय कराया। उन्होंने जनजातीय समुदायों को उनकी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और भूमि अधिकारों के संरक्षण के लिए जागृत किया। अल्पायु में ही उन्होंने जो साहस, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, वह आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

मंत्री ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता और जनजातीय स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और जनसेवा की भावना से समाज में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा तथा अन्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को प्रतिवर्ष ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जिससे देश की युवा पीढ़ी को जनजातीय नायकों के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित होने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘जनजातीय गौरव वर्ष’ के माध्यम से देशभर में जनजातीय इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समुदायों की भूमिका को व्यापक रूप से रेखांकित किया गया। इसके अतिरिक्त जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों की स्थापना, रांची में भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का विकास तथा ‘आदि संस्कृति’ और ‘आदि वाणी’ जैसी पहलों के माध्यम से जनजातीय विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव