किराड़ी विधानसभा में साढ़े चार किलोमीटर नई ड्रेन के निर्माण को मिली स्वीकृति
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में किराड़ी विधानसभा क्षेत्र स्थित रेलवे लाइन के साथ करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी नई ड्रेन के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना पर 263.45 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ड्रेन के निर्माण से किराड़ी सहित आसपास के चार विधानसभा क्षेत्रों की बड़ी आबादी को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। इसके अलावा 70 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों को भी जल निकासी की बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के गंभीर व लगातार प्रयासों के चलते रेलवे ने भी इस परियोजना को स्वीकृति दी है। किराड़ी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और तेजी से हुए अनियोजित शहरीकरण के कारण यहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रहती है। अब इस समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता से काम नहीं किया, लेकिन हमारी सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। यह केवल ड्रेन का निर्माण नहीं, बल्कि चार विधानसभा क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को बेहतर जल निकासी और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है। दिल्ली सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों को सीधे लाभ मिलेगा। किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की करीब 70 अनधिकृत कॉलोनियों को प्रस्तावित ड्रेन से जल निकासी की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुंडका विधानसभा क्षेत्र में रानीखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र, वेणु एन्क्लेव सहितविभिन्न अनधिकृत कॉलोनियों, जैसे रतन पार्क, राजधानी पार्क, जेजे क्लस्टर कॉलोनी, राजेंद्र पार्क एक्सटेंशन, राम नगर, कुंवर सिंह नगर और निलोठी गांव आदि क्षेत्र लाभान्वित होंगे। बवाना विधानसभा क्षेत्र में रोहिणी सेक्टर-20, 21 और 22, जबकि नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में जेजे क्लस्टर नांगलोई, अध्यापक नगर और शिवराम पार्क आदि क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों के निवासी वर्षों से बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या झेलते आ रहे हैं। जलभराव केवल कुछ समय के लिए पानी जमा होने की समस्या नहीं है, बल्कि इससे लोगों के आवागमन, कारोबार, घरों और रोजमर्रा के जीवन पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए स्थायी समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रस्तावित ड्रेन के निर्माण से बारिश के पानी की निकासी की क्षमता बढ़ेगी और लाखों लोगों को जलभराव तथा उससे जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी।
दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता देना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान भी हो। प्रस्तावित ड्रेन रेलवे लाइन के साथ बनाई जाएगी और इसका डिजाइन डिस्चार्ज 760 क्यूसेक रखा गया है। लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी यह ड्रेन मुंडका हॉल्ट स्टेशन से शुरू होकर सप्लीमेंटरी ड्रेन में जाकर मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह ड्रेन किराड़ी क्षेत्र के लिए रेलवे लाइन के साथ एक महत्वपूर्ण मुख्य आउटफॉल के रूप में काम करेगी। इससे रेलवे लाइन के आसपास के क्षेत्रों में जमा होने वाले बारिश के पानी की निकासी में सुविधा होगी और जलभराव को कम करने में मदद मिलेगी। मुंडका, बवाना, नांगलोई जाट और किराड़ी विधानसभा क्षेत्रों के अनेक इलाकों तथा किराड़ी की लगभग 70 अनधिकृत कॉलोनियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि जलभराव की समस्या का समाधान केवल अस्थायी उपायों से नहीं, बल्कि मजबूत और प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करके किया जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव