(लीड) मुख्यमंत्री ने 1,368 नव-नियुक्त शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

 




नई दिल्ली, 13 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में नव-नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान बांटे। मुख्यमंत्री ने इस चरण में कुल 1,368 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 1,015 टीजीटी, 236 पीजीटी और 117 संगीत शिक्षक शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नव-नियुक्त शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नियुक्ति पत्र प्रदान करने का अवसर नहीं है, बल्कि दिल्ली के लाखों बच्चों और उनके परिवारों के साथ बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी को और मजबूत करने का अवसर है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नए शिक्षकों का जुड़ना दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए बेहतर अकादमिक सहयोग, मार्गदर्शन और नए अवसरों का विस्तार है। यह भर्ती अभियान सरकारी विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने और शिक्षण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यालयों की इमारतें तैयार करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी है कि हर कक्षा में योग्य और समर्पित शिक्षक हों, शिक्षण का स्तर बेहतर हो, आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग हो, बच्चों को खेल और कला के पर्याप्त अवसर मिलें। प्रत्येक बच्चा वास्तव में सीखने और आगे बढ़ने में सक्षम हो। दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को केवल परीक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे ले जाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने नव-नियुक्त शिक्षकों से विद्यार्थियों के लिए केवल विषय-विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि मेंटर्स, रोल मॉडल और मार्गदर्शक बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर आशीष सूद ने कहा कि आज 1,368 नए शिक्षकों का दिल्ली के शिक्षा परिवार से जुड़ना केवल नियुक्तियों की संख्या बढ़ना नहीं है, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। एक शिक्षक विद्यार्थी को ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, दिशा और आगे बढ़ने का विश्वास देता है। आज कक्षा में बैठा कोई बच्चा भविष्य में वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, उद्यमी या राष्ट्र की किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाल सकता है। इसलिए शिक्षक की जिम्मेदारी वास्तव में राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने शिक्षक रिक्तियों को सामान्य स्थिति मानने के बजाय उन्हें दूर करने के लिए व्यापक भर्ती अभियान को गति दी है। अप्रैल और मई में लगभग 751 शिक्षकों की नियुक्ति के बाद अब 1,368 नए शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में भी हमारा प्रयास रहेगा कि शिक्षकों की भर्ती के साथ-साथ उनकी ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग पर समान जोर दिया जाए, ताकि बदलते समय, नई तकनीक और 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप हमारे शिक्षक और अधिक सक्षम बनें।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव