प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन करने का निर्देश

 


नई दिल्ली, 21 मई (हि.स.)। दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने गुरुवार को विकास विभाग के साथ समीक्षा बैठक में आगामी बकरीद (27-28 मई) के मद्देनजर अधिकारियों को पशु कल्याण संबंधी सभी प्रावधानों तथा कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के अवैध परिवहन, कुर्बानी तथा पशुओं के प्रति किसी भी प्रकार की क्रूरता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

मंत्री कपिल मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशु कल्याण और सार्वजनिक स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए बकरीद के दौरान केवल अधिकृत और निर्धारित स्थलों पर ही कुर्बानी की अनुमति दी जाए। साथ ही गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करें।

मंत्री कपिल मिश्रा ने निर्देश दिए कि सड़कों, गलियों या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कुर्बानी न हो, सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं की खरीद-बिक्री भी पूर्णतः गैरकानूनी है। उन्होंने इस प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने और ऐसी कोई शिकायत मिलने पर इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जानवरों का खून सीधे सड़क, नालियों और नहरों में न बहे और कुर्बानी के बाद बचे हुए अवशेषों को खुले में नहीं फेंका जाए, इसका निपटान तय सुरक्षित मानकों के जरिये ही हो, इसे लेकर भी संबंधित विभाग समन्वय बनाकर निगरानी करें।

मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत पशु कल्याण बोर्ड द्वारा राज्यों के मुख्य सचिवों एवं पुलिस महानिदेशकों को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पशुओं के संरक्षण और कल्याण से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पशुओं के प्रति क्रूरता दंडनीय अपराध है। इसलिए अवैध पशु परिवहन, अवैध बूचड़खानों के संचालन अथवा कानूनों के उल्लंघन की किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध ऐसे मामलों में आपराधिक मामला दर्ज कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवहन के दौरान पशुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण संबंधी सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए।

कपिल मिश्रा ने कहा कि पशु संरक्षण केवल कानूनी दायित्व नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं पशुओं के अवैध परिवहन, क्रूरता या अवैध कुर्बानी की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारियों को सूचित करें।

मंत्री ने जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि पोस्टर, सोशल मीडिया तथा अन्य संचार माध्यमों के जरिए पशु कल्याण संबंधी कानूनों और नागरिक जिम्मेदारियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव