अभाविप ने दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव संबंधी निर्णयों का किया स्वागत
नई दिल्ली, 18 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रसंघ चुनाव-2026 के सुचारु, पारदर्शी एवं गरिमापूर्ण संचालन के उद्देश्य से जारी दिशा-निर्देशों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह छात्र राजनीति में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय है। विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्कारों का प्रमुख मंच भी है। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव मर्यादा, अनुशासन, विचार और संवाद के आधार पर संपन्न हों, यह प्रत्येक विद्यार्थी एवं छात्र संगठन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय एवं लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं अनुशासित बनाने के लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, चुनाव प्रचार के लिए स्पष्ट आचार-संहिता तथा परिसर की शैक्षणिक गरिमा को बनाए रखने संबंधी प्रावधान एक उत्तरदायी एवं आदर्श चुनावी वातावरण के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि अभाविप सदैव मुद्दा-आधारित, सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ छात्र राजनीति की पक्षधर रही है। परिषद का विश्वास है कि सभी छात्र संगठन विश्वविद्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं आचार-संहिता का पूर्ण पालन करेंगे तथा स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए चुनाव प्रक्रिया में सहभागी बनेंगे।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने पिछले 16 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पदाधिकारियों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके यह निर्णय लिया है कि 'नो पेंटिंग, नो प्रिंटिंग और नो पेस्टिंग' के नियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसके तहत चुनाव प्रचार में किसी भी प्रकार की प्रिंटेड सामग्री प्रयोग में नहीं लानी है। वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर केवल हैंडमेड पोस्टर ही लगाए जा सकेंगे। इसके साथ ही कैंपस में जेसीबी, ट्रैक्टर और काले शीशे वाली कारों के प्रवेश को पूरी तरह से वर्जित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संपन्न होंगे तथा परिसर में स्वस्थ शैक्षणिक एवं लोकतांत्रिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी