अभाविप के आंदोलन का असर डीयू में एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों की सीटें दोगुनी
नई दिल्ली, 01 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के छात्रहित में किए गए आंदोलन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने एक वर्षीय परास्नातक (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीटों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से अधिक संख्या में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के बाद एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने की सिफारिश की थी। समिति की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीटों की संख्या दोगुनी करने का फैसला लिया। साथ ही, कॉलेजों को उनकी आवश्यकता और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सीटों में अतिरिक्त वृद्धि करने की अनुमति भी दी गई है।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए अभाविप ने इसे छात्रहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। संगठन का कहना है कि सीटों में बढ़ोतरी से अधिक योग्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा और विश्वविद्यालय में प्रवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
अभाविप के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि परिषद के आंदोलन के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने का निर्णय छात्र समुदाय की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि स्थापना काल से ही अभाविप 'ठीक करेंगे तीन काम 'प्रवेश, परीक्षा और परिणाम' के ध्येय के साथ कार्य कर रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय का यह निर्णय योग्य छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करेगा।
उल्लेखनीय है कि 17 जुलाई को अभाविप ने इस मांग को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष व्यापक प्रदर्शन किया था। आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले पर विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया, जिसकी सिफारिशों के आधार पर अब यह निर्णय लिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी