'मेरा डीयू, मेरा घोषणा-पत्र' अभियान के जरिए अभाविप ने छात्रों से मांगे सुझाव

 


नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2026 से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने छात्रों की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को जानने के लिए ‘मेरा डीयू, मेरा घोषणा-पत्र’ अभियान की शुरुआत की। अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से मिले सुझावों के आधार पर छात्र घोषणापत्र तैयार किया जाएगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान और 19 सितंबर को मतगणना निर्धारित है। चुनाव से पहले शुरू किए गए इस अभियान के तहत अभाविप ने कहा कि छात्र घोषणापत्र केवल छात्र संगठनों के कार्यालयों में बैठकर तैयार नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं और उनकी प्राथमिकताओं को इसमें शामिल किया जाना चाहिए।

‘मेरा डीयू, मेरा घोषणा-पत्र’ अभियान के माध्यम से विद्यार्थी क्यूआर कोड के जरिए अपने सुझाव और समस्याएं साझा कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न महाविद्यालय परिसरों में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा भी अभियान चलाकर छात्रों से संवाद किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों को आगामी छात्र घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा।

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय केवल इमारतों और कॉलेजों का समूह नहीं है, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के सपनों और आकांक्षाओं से जुड़ा संस्थान है। इसलिए छात्र घोषणापत्र भी विद्यार्थियों की आवाज और उनकी प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करने वाला होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ‘मेरा डीयू, मेरा घोषणा-पत्र’ के माध्यम से संगठन प्रत्येक छात्र तक पहुंचकर यह जानना चाहता है कि उसके लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में सबसे बड़ी समस्या क्या है और वह विश्वविद्यालय में किस तरह का बदलाव देखना चाहता है। विद्यार्थियों से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों का अध्ययन कर उन्हें व्यावहारिक और छात्रहितैषी नीतिगत प्रस्तावों में बदलने का प्रयास किया जाएगा।

सार्थक शर्मा ने विद्यार्थियों से अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह घोषणापत्र छात्रों की आवाज, उनकी प्राथमिकताओं और भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होगा। अभियान के जरिए विद्यार्थी अपने विश्वविद्यालय के लिए बनने वाले घोषणापत्र में सीधे योगदान दे सकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी