आआपा और पंजाब सरकार आतिशी मामले में झूठ को सच साबित करने की कर रहे संगठित कोशिश : सिरसा
नई दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी (आआपा), दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी और पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला झूठ को सच साबित करने की संगठित कोशिश है।
मंत्री मनजिंदर ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आआपा का राजनीतिक चरित्र शुरू से ही झूठ पर आधारित रहा है और इसके संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हर वह झूठ बोला जो बोला जा सकता था कि मैं सुरक्षा नहीं लूंगा, मैं सरकारी घर नहीं लूंगा, मैं गाड़ी नहीं लूंगा, मैं हवाई यात्रा नहीं करूंगा और फिर वही सब कुछ किया। यही आआपा की राजनीति की सच्चाई है। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब अतिशी द्वारा दिल्ली विधानसभा के भीतर गुरु तेग बहादुर जी के संदर्भ में इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों को झूठ, फॉरेंसिक रिपोर्ट की आड़ में छिपाने की कोशिश की जा रही है।
सिरसा ने स्पष्ट किया कि यह मामला स्टेट बनाम मेटा है, न कि उन व्यक्तियों के खिलाफ जिनके सोशल मीडिया अकाउंट्स खंगाले जा रहे हैं। इसके बावजूद पंजाब पुलिस द्वारा अदालत में कई लोगों के फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) अकाउंट्स की सूची पेश की गई, लेकिन किसी को भी पार्टी नहीं बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सच सामने लाने का इरादा था, तो आरोप लगाए गए व्यक्तियों को पार्टी क्यों नहीं बनाया गया।
मंत्री सिरसा ने कहा कि जिस तथाकथित फॉरेंसिक जांच के आधार पर अदालत को गुमराह किया गया, वह जांच बिना मूल दिल्ली विधानसभा वीडियो के की गई। बिना आतिशी को बुलाए और बिना उनका वॉयस सैंपल लिए और बिना किसी आईटी या साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ के बल्कि एक कांस्टेबल द्वारा एआई टूल का इस्तेमाल कर तैयार की गई। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहीं यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वीडियो के किस हिस्से में, किस सेकंड से किस सेकंड तक, किस तरह की छेड़छाड़ हुई। केवल यह कह देना कि “वीडियो डॉक्टर्ड है”, फॉरेंसिक नहीं बल्कि कहानी लेखन है। पुलिस की भूमिका पर सवाल करता है।
मंत्री सिरसा ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब हाई कोर्ट ने पटियाला के एक एसपी की वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया, तो पुलिस ने कोर्ट में यह कह दिया कि ऑडियो सैंपल नहीं मिला, इसलिए जांच नहीं हो पाई, लेकिन इसी पुलिस ने बिना किसी सैंपल और मूल वीडियो के दिल्ली विधानसभा वीडियो की जांच पूरी कर ली।
आतिशी को बचाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह बेहद शर्मनाक है। जिस पुलिस को राज्य में कानून-व्यवस्था संभालनी चाहिए, वह हमारे सोशल मीडिया अकाउंट खंगालने में लगी हुई है। आतिशी को बचाने के लिए पंजाब सरकार खुद केस लड़ रही है। दिल्ली विधानसभा के अंदर गुरु साहिब का जो अपमान आतिशी ने किया है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।
सिरसा ने कहा कि घटना के बाद से आतिशी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आईं, न विधानसभा में दिखीं और न ही अपने बयान को स्पष्ट किया। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच से पहले ही पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कराना यह दर्शाता है कि सच्चाई सामने आने का डर था।
मंत्री सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान के समय बोले गए शब्द केवल राजनीतिक विवाद से कहीं ज़्यादा एक गंभीर धार्मिक अपराध है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रतिदिन गुरुद्वारे में नतमस्तक होते हैं और गुरु मर्यादा का सम्मान जानते हैं, जबकि आआपा इस पूरे विषय का मजाक उड़ाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।
सिरसा ने कहा कि एक झूठ को सच साबित करने के लिए चाहे सौ या हजार झूठ बोले जाएं, सच्चाई नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि इस पाप से न तो अतिशी और न ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कभी मुक्त हो पाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव