दिल्ली में कथित स्वास्थ घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी ने एलएनजेपी अस्पताल के बाहर किया विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सोमवार को राजधानी के लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल के बाहर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में आआपा के बुराड़ी से विधायक एवं प्रवक्ता संजीव झा और विधायक कुलदीप कुमार भी उपस्थित रहें।
प्रदर्शन के दौरान सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि 650 करोड़ रुपये का घोटाला हो गया और सारे घोटाले का असली गुनहगार राजीव रंगीला है वही सारे घोटाले का मास्टरमाइंड है जिसे एक महीने पहले एसीबी ने भगा दिया और उसके जगह पर अब छोटे–मोटे लोगों को गिरफ्तार करके खानापूर्ति कर रही है सरकार।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आआपा के नेता लगातार पत्रकार वार्ता कर रहे है और राजीव रंगीला की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि आखिर 650 करोड़ रुपये के घोटाले के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
सौरभ भारद्वाज ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) डॉ. वत्सला अग्रवाल की नियुक्ति पर सवाल उठाया कि सरकार ने सारे नियमों को दरकिनार कर के इस पद पर डॉ. वत्सला अग्रवाल की नियुक्ति की। उन्होंने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर के डॉ. वत्सला अग्रवाल को सारे काम दिए गए। उन्होंने पूछा कि क्या डॉ. वत्सला अग्रवाल को डीजीएचएस के पद पर नियुक्त किया गया था तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार नहीं थी?
भारद्वाज ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सरकारी अस्पताल जरूरत के हिसाब से दवाएं खरीदती थी लेकिन बाद में सारे नियम बदल दिए गए और कहा कि कोई भी अस्पताल खरीदारी नहीं करेगा, और सारी खरीद-फरोख्त वत्सला अग्रवाल की सीपीए संभालेगी।
आआपा के बुराड़ी विधायक संजीव झा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले को सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ दवाओं मे बहुत ज्यादा घोटाला किया गया है। उन्होंने कहा कि एसीबी का कहना है कि यह घोटाला 650 करोड़ रुपये का है। एसीबी के मुताबिक, कागज़ों पर 400 करोड़ रुपये की खरीद दिखाई गई, जबकि असल में सिर्फ़ 100 करोड़ रुपये की दवाइयां खरीदी गईं और 300 करोड़ रुपये का गबन कर लिया गया।
संजीव झा ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल में दवाइयां नहीं हैं। बिस्तर फटे हुए हैं और मरीजों को जगह नहीं मिल रही है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि एसीबी ने एफआईआर दर्ज की है, तो कॉन्ट्रैक्टर कहां है? कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया?
आआपा ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, कथित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा दवा खरीद प्रक्रिया में हुई सभी कथित अनियमितताओं की जांच सार्वजनिक करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी