आगामी 10 अक्टूबर के आंदोलन को लेकर आआपा ने तैयार की बैक-अप लीडरशीपः सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) ने आगामी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले आंदोलन की तैयारी कर ली है। आआपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को दिल्ली के सभी विधायकों, पार्षदों, जिलाध्यक्षों, विधानसभा अध्यक्षों और वॉर्ड ऑब्जवर्स के साथ मैराथन बैठक की।
बैठक में आंदोलन को सफल बनाने के लिए बैक-अप लीडरशिप तैयार की गई, ताकि पहली पंक्ति के नेताओं को पुलिस गिरफ्तार भी कर ले तो आंदोलन का नेतृत्व दूसरी और तीसरी पंक्ति की लीडरशिप कर सके।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर 2.0 का समर्थन करने वाले संगठनों के नेताओं को जल्द ही झूठे मुकदमों में गिरफ्तार किया जाएगा। इन गिरफ्तारियों के बावजूद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहना चाहिए। इसके लिए नेताओं और संगठनों को एक बैकअप नेतृत्व तैयार करना चाहिए। संवाद के लिए भी एक प्लान बी होना चाहिए। यह आंदोलन किसी भी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल से बहुत बड़ा है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर बड़ा आंदोलन हो रहा है, जिसमें देश के सभी क्षेत्रों से लोग चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाने आएंगे। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन किसी भी राजनीतिक पार्टी या संस्था से बड़ा है। यह आंदोलन 140 करोड़ देशवासियों का आंदोलन है, इसलिए गिरफ्तारी चाहे किसी की भी हो जाए, यह आंदोलन रुकना नहीं चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने सभी नेताओं और संस्थाओं से कहा कि सभी अपना बैकअप प्लान तैयार करें। 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से एक दिन पहले यानी 9 अक्टूबर को हो सकता है कि सभी के जिला और विधानसभा स्तर के नेताओं को हिरासत में ले लिया जाए। ऐसे में संचार कैसे होगा, संदेश कैसे पहुंचेगा और उन लोगों के लिए संदेश कौन लेकर जाएगा, इस सबकी तैयारी तमाम संस्थाओं को करनी चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से लोकतांत्रिक, संवैधानिक, कानूनी और शांतिपूर्ण रहे। इसलिए एक नेतृत्व के बाद दूसरा नेतृत्व मौजूद होना चाहिए जो इस पूरे प्रदर्शन की कमान भी संभाले और इसे शांतिपूर्ण भी रखे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सभी के व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम अकाउंट भी ब्लॉक हो सकते हैं। ऐसे में सभी की बातचीत का माध्यम क्या होगा, व्हाट्सएप की जगह सिग्नल का इस्तेमाल होगा या टेलीग्राम का, इस पर भी सभी को सोचना पड़ेगा। यह वक्त हर चीज का बैकअप प्लान तैयार रखने का है। सभी लोग प्लान बी और प्लान सी तैयार रखें। यह सबसे बड़ा आंदोलन है और इसी आंदोलन से इस देश को, इसकी राजनीति को, इसके प्रजातंत्र को और इसके संविधान को बचाया जा सकता है। इसलिए सभी लोग तैयार हो जाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी