आम आदमी पार्टी ने ओडिशा में आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण पर सरकार से कार्रवाई रोकने की मांग की
नई दिल्ली, 05 अगस्त (हि.स.)। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आआपा) ने बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए तत्काल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया रोकने की मांग की।
पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सुंदरगढ़ जिले में डालमिया सीमेंट के विस्तार के लिए लगभग 950 एकड़ आदिवासी भूमि बिना ग्राम सभाओं की सहमति के अधिग्रहित की जा रही है, जो पेसा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
संजय सिंह ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि पेसा अधिनियम के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से पूर्व संबंधित ग्राम सभाओं की सहमति आवश्यक है, लेकिन सुंदरगढ़ के कई गांवों में यह प्रक्रिया अपनाए बिना भूमि पर कब्जा किया गया। उन्होंने दावा किया कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है तथा उन्होंने इसे संसद में उठाने के लिए भी नोटिस दिया है। उन्होंने सरकार से अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल रोकने और प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
सुंदरगढ़ के ग्रामीण प्रतिनिधि राकेश रोशन ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से स्थानीय लोग भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी भूमि का रिकॉर्ड बदला गया तथा विरोध करने वालों पर मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिग्रहित क्षेत्र में खनन कार्य शुरू कर दिया गया है और ग्राम सभा ने पहले ही भूमि देने से इनकार किया था।
आम आदमी पार्टी की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष निशिकांत महापात्रा ने आरोप लगाया कि अनुसूचित क्षेत्र होने के बावजूद पेसा अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से क्षेत्र के हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सरकार से ग्राम सभाओं की सहमति के बिना चल रही अधिग्रहण प्रक्रिया वापस लेने और प्रभावित लोगों से संवाद स्थापित करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी