महापौर और उप-महापौर का चुनाव नहीं लड़ेंगेः आआपा
- स्थायी समिति के लिए शालीमार बाग से जलज चौधरी ने किया नामांकनः अंकुश नारंग
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (हि.स.)। आम आदमी पार्टी(आआपा) ने इस बार भी महापौर एवं उप-महापौर के चुनाव से किनारा कर लिया है। पार्टी ने स्थायी समिति के खाली तीन सीटों में से सिर्फ एक सीट शालीमार बाग से पार्षद जलज चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। जलज ने बुधवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने बुधवार पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की महत्वपूर्ण स्थायी समिति सदस्य पद के लिए शालीमार बाग से पार्षद जलज कुमार चौधरी ने अपना नामांकन दाखिल किया। यह नामांकन पार्टी की मजबूत संगठनात्मक तैयारी, पारदर्शी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि जलज कुमार चौधरी लंबे समय से क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाते रहे हैं और उनके अनुभव से निगम की कार्यप्रणाली को और मजबूती मिलेगी। सभी ने एकजुट होकर जलज कुमार चौधरी को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंकुश नारंग ने कहा कि जलज कुमार चौधरी अपने क्षेत्रवासियों का झंडा हमेशा ऊंचा रखते हैं और जनता के काम करवाते है। आज उन्हें पूरी ताकत दी गई है ताकि वे स्थायी समिति में जाकर सिर्फ शालीमार बाग ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली के मुद्दे उठाएं। वे दिल्लीवासियों की सभी बुनियादी जरूरतों को मजबूती से रखेंगे।
तीन सीटों पर केवल एक नामांकन करने के सवाल पर अंकुश नारंग ने कहा कि आआपा खरीद-फरोख्त में विश्वास नहीं रखती है। पार्टी का एक बेहद योग्य सदस्य स्थायी समिति में जा रहा है। पार्टी चाहती तो दूसरे सदस्य का भी नामांकन करवा सकती थी, लेकिन आआपा चाहती है कि चार इंजन की सरकार दिल्ली के लिए कार्य करे।
अंकुश नारंग ने कहा कि पिछले साल जब जलभराव हुआ, प्रदूषण बढ़ा और बाढ़ आई, तो ये लोग कुछ नहीं कर पाए। दिल्ली में चार इंजन की सरकार है अब उन्हें काम करके दिखाना होगा।
अंकुश नारंग ने कहा कि महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति साफ-सफाई की व्यवस्था करें, कूड़े के पहाड़ खत्म करें, आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाएं और सारी व्यवस्थाएं सुधार कर दिखाएं।
अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी के 134 पार्षद जीतकर आए थे और एक निर्दलीय पार्षद भी हमारे साथ था। आज भी पार्टी के पास 101 पार्षद हैं, जो पूरी मजबूती के साथ अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही बनकर काम की राजनीति कर रहे हैं। उन 101 पार्षदों ने एकजुट होकर तय किया है कि महापौर का चुनाव नहीं लड़ेंगे। पिछले एक साल निगम में तो कुछ नहीं किया। उम्मीद है कि इस साल वे जनता के लिए कुछ करके दिखाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी