स्वास्थ्य विभाग घोटाला : आम आदमी पार्टी बोली, मुख्य आरोपित राजीव रंगीला की हो गिरफ्तारी

 


नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को कथित 650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य विभाग घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2 जून को दर्ज एसीबी की एफआईआर में निजी कारोबारी राजीव रंगीला का नाम प्रमुखता से दर्ज है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भारद्वाज ने कहा कि एसीबी की एफआईआर एक ही व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने बताया कि एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि राजीव रंगीला ने विभिन्न नामों से कई कंपनियां बनाकर सरकारी खरीद प्रक्रिया को प्रभावित किया और स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों, दवाइयों तथा अन्य सामग्री की खरीद में भ्रष्टाचार किया।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि टेंडरों की तकनीकी और वित्तीय शर्तें इस प्रकार तैयार कराई जाती थीं कि सामान्य कंपनियां भाग ही नहीं ले सकें और अंततः संबंधित कंपनियों को ही ठेका मिल जाए। भारद्वाज ने कहा कि बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की सरकारी खरीद कई गुना अधिक कीमत पर कराई गई, जिसके कारण से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

आआपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एफआईआर में राजीव रंगीला का नाम कई बार दर्ज है और उसे नामजद आरोपित बनाया गया है। इसके बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं की गयी जो कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने सरकार से सवालिया लहजे में पूछा कि यदि पूरे मामले का राजीव रंगीला है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस दावे को भी खारिज किया कि जिसमें कहा गया है कि यह मामला उनकी शिकायत पर दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि एफआईआर में कहीं भी मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत का उल्लेख नहीं है, बल्कि इसे सोर्स बेस्ड इंफॉर्मेशन के आधार पर दर्ज किया गया बताया गया है।

सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि राजीव रंगीला पूर्ववर्ती सरकारों के समय से स्वास्थ्य विभाग में सक्रिय रहा है और उनकी सरकार के कार्यकाल में भी उसने प्रभाव बनाने का प्रयास किया था, जिसे तत्कालीन केजरीवाल सरकार ने सफल नहीं होने दिया।

इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग की मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हटाए गए मतदाताओं की पूरी जानकारी राजनीतिक दलों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जिससे सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

आआपा ने सरकार से इस पूरे मामले में राजीव रंगीला की शीघ्र गिरफ्तारी तथा एसीबी जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी