धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से ध्यान भटकाने के लिए सरकार नया कानून ला रही : सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से नया कानून लाने और उस पर संसद में चर्चा कराने की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के आंदोलन से देश का ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दबाने के लिए नया मुद्दा खड़ा करना चाहती है।
सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि देश में किसी ने नए कानून की मांग नहीं की है। छात्रों की केवल एक मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसे में सरकार अचानक नया कानून लाने और उस पर संसद में चर्चा कराने की बात क्यों कर रही है, यह सवाल उठता है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में कानून लाना चाहती है तो वह अध्यादेश के माध्यम से भी ऐसा कर सकती है। पहले भी केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण कानून बिना व्यापक चर्चा के लेकर आई है। ऐसे में इस बार संसद में चर्चा कराने की बात करना सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करता है।
आआपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार चाहती है कि संसद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चले, जिससे जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का मुद्दा पीछे छूट जाए।
भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी कृषि कानूनों और दिल्ली से जुड़े कानूनों सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना पर्याप्त चर्चा के लेकर आई थी। इसलिए सरकार का यह कहना कि वह व्यापक चर्चा के बाद कानून लाना चाहती है, वास्तविकता से मेल नहीं खाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य पेपर लीक और छात्रों की मांगों से ध्यान हटाकर बहस को नए कानून की ओर मोड़ना है, ताकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कमजोर पड़ जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी