जंतर-मंतर के आंदोलन से डर के बदले गए पुलिस आयुक्त - आम आदमी पार्टी

 




नई दिल्ली, 18 जुलाई (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति बढ़ते जनसमर्थन से सरकार डर गई और इसी वजह से पुलिस नेतृत्व में बदलाव कर कार्रवाई कराई गई।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस से इंटेलिजेंस में चूक हुई और पुलिस ने ‘कॉकरोच मूवमेंट’ से जेन-जी के जुड़ाव को कम करके आंका। घबराहट में सरकार ने पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा को बदल दिया और नए कमिश्नर ने अपने पहले ही दिन सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने का फैसला किया।

भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च में युवाओं से शामिल होने की अपील की।

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि नए पुलिस कमिश्नर के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आंदोलन को खत्म करने की योजना बनाई गई और पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाकर हिरासत में लिया।

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए कहा कि सरकार संवाद करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सत्ता के अहंकार का उदाहरण है।

पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि 20 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से बातचीत करने के बजाय सरकार ने पुलिस कार्रवाई का रास्ता चुना। उन्होंने लोगों से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।

एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सादे कपड़ों में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर कैमरों का दृश्य रोकने के लिए सफेद चादरों का इस्तेमाल किया और कार्रवाई की रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश की।

कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन उसने तानाशाही रवैया अपनाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें जबरन हटाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी रखेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी