सीजेपी के देशव्यापी प्रदर्शन के समर्थन में आआपा का दिल्लीभर में प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

 


नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के समर्थन में आम आदमी पार्टी (आआपा) ने शुक्रवार को दिल्ली के सभी 14 जिलों में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर तिरंगा लेकर थाली-चम्मच बजाते हुए प्रदर्शन किया और कई जगह कैंडल मार्च भी निकाला। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीजेपी के आह्वान पर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के सभी 14 जिलों में आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि करोल बाग, शेख सराय, सदर बाजार, दिल्ली विश्वविद्यालय की आर्ट्स फैकल्टी, बाबरपुर सहित विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित किए गए।

बाबरपुर में आयोजित प्रदर्शन में पूर्व मंत्री एवं विधायक गोपाल राय ने कहा कि देशभर में छात्र-युवा शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करोड़ों युवाओं के साथ हैं, तो उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को अनदेखा कर रही है और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और व्यापक होगा।

गोपाल राय ने परीक्षा संबंधी मामलों पर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अब कानून बनाने की बात कर रही है, जबकि पहले प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल मामले को टालने का प्रयास कर रही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की आर्ट्स फैकल्टी के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बुराड़ी विधायक संजीव झा ने कहा कि पिछले लगभग एक महीने से छात्र जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

संजीव झा ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों के लिए जारी एडवाइजरी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का स्थान है और उन्हें अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं को अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन दिल्ली से निकलकर देशभर के विश्वविद्यालयों तक फैल सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी