दिल्ली में 28 रूटों पर चलेंगी महिला स्पेशल 56 इलेक्ट्रिक बसें
नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) राष्ट्रीय राजधानी के 28 रूटों पर महिलाओं के लिए स्पेशल 56 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करेगी। इनमें दिल्ली के 15 प्रमुख व्यस्त रूट पर 30 महिला स्पेशल बस सेवाएं और दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ एवं साउथ कैंपस समेत दूसरे बड़े शिक्षण संस्थानों और प्रमुख रिहायशी इलाकों को जोड़ने वाली 13 समर्पित रूटों पर 26 'यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल' (यू-एसपीएल) बस सेवाएं शामिल हैं।
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि इस प्रस्ताव का मुख्य मकसद महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना और रेगुलर बस सेवाओं में भीड़भाड़ को कम करना है। इन रूटों की पहचान उन कॉरिडोर के आधार पर किया गया है, जहां महिला यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि 30 'लेडीज स्पेशल' बसें ऑफिस के व्यस्त समय (पीक आवर्स) के दौरान दोनों दिशाओं में चलेंगी। सुबह की सेवाएं प्रात: 7 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह के 9 बजे के बीच चलेंगी और वापसी की सेवाएं शाम को 4 बजकर 32 मिनट से लेकर 6 बजकर 15 मिनट के बीच संचालित होंगी। ये बसें राजधानी दिल्ली के प्रमुख रोज़गार केंद्रों, कमर्शियल इलाकों, इंस्टीट्यूशनल हब और प्रमुख मेट्रो इंटरचेंज स्टेशनों को जोड़ेंगी, जिससे कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा संभव हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि इसी तरह 26 यूनिवर्सिटी लेडीज़ स्पेशल बस सर्विस को कॉलेज को शेड्यूल के हिसाब से प्लान किया गया है। ये बस सर्विस नजफगढ़, रोहिणी, जनकपुरी, मुंडका, मयूर विहार, कालकाजी, पल्ला और धौलाकुआं जैसे बड़े रिहायशी इलाकों को दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ और साउथ कैंपस समेत कई प्रमुख कॉलेजों से सीधे जोड़ेंगी। इस विशेष पहल से सुबह-शाम के समय सफर करने वाली छात्राओं के लिए आने-जाने के लिए सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित होगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सभी सेवाएं पूरी तरह से 100 फीसदी इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से चलाई जाएंगी, जिससे सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। हर बस में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी सर्विलांस, ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से सीधे जुड़े हुए पैनिक बटन, दिव्यांगजनों के लिए लो-फ़्लोर रैंप और जरूरत पड़ने पर बस मार्शल या महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। आसानी से पहचान के लिए इन बसों की खास तौर से ब्रांडिंग भी होगी और उन्हें 'पिंक स्मार्ट कार्ड' से जोड़ा जाएगा, जिससे पात्र महिला यात्रियों के लिए बिना किसी रुकावट के कैशलेस और मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव