स्थायी समिति में 48 गांवों को शहरी दर्जा, अब विकास सीधे जमीन पर दिखेगा: सत्या शर्मा
नई दिल्ली, 01 मई (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने 48 ग्रामीण गांवों को शहरी गांव घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे राजधानी के नियोजित और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि यह निर्णय केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले विकास की दिशा में ठोस पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो गांव व्यवहार में शहरी स्वरूप ले चुके हैं, उन्हें औपचारिक रूप से शहरी दर्जा देना आवश्यक था, ताकि वहां विकास कार्यों को व्यवस्थित रूप से लागू किया जा सके।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507 (क) के अंतर्गत लिया गया है। इसके लागू होने से संबंधित क्षेत्रों में सड़क, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और कूड़ा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
स्थायी समिति अध्यक्ष ने कहा कि यह कदम दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के मास्टर प्लान-2041 के अनुरूप है और तेजी से हो रहे शहरीकरण को व्यवस्थित करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले से ही शहरी गतिविधियां बढ़ चुकी हैं, वहां कानूनी रूप से शहरी ढांचा लागू होने से बेहतर योजना और नियमन संभव हो सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस निर्णय से अवैध निर्माण पर नियंत्रण मजबूत होगा, क्योंकि अब सभी निर्माण और भूमि उपयोग नगर निगम के नियमों के अंतर्गत आएंगे। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी स्पष्ट दिशा मिलेगी।
स्थायी समिति अध्यक्ष ने बताया कि ये 48 गांव दिल्ली के विभिन्न जिलों बाहरी उत्तरी, उत्तरी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी, दक्षिणी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां भविष्य में व्यापक विकास योजनाएं लागू की जानी हैं।
उन्होंने कहा कि स्थायी समिति द्वारा मंजूरी के पश्चात यह प्रस्ताव अब निगम सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार को अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। अधिसूचना जारी होते ही इन गांवों को औपचारिक रूप से शहरी दर्जा प्राप्त हो जाएगा।
अंत में सत्या शर्मा ने कहा कि यह निर्णय दिल्ली के संतुलित, नियोजित और जवाबदेह विकास की मजबूत नींव रखेगा तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी