होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार पर जोर, धमतरी में हुआ विशेष आयोजन

 




धमतरी, 10 अप्रैल (हि.स.)। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर शहर में शुक्रवार को होम्योपैथी चिकित्सकों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता और इसके बढ़ते महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई।

हर साल 10 अप्रैल को होम्योपैथी के संस्थापक डा सैमुअल हैनिमैन के जीवन और उनके योगदान की स्मृति में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है। उन्होंने 18 वीं शताब्दी के अंत में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में होम्योपैथी की शुरुआत की जिसने चिकित्सा विज्ञान में एक नई दिशा प्रदान की। कार्यक्रम की शुरुआत डा हैनिमन के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पद्धति कई असाध्य एवं जटिल रोगों के उपचार में प्रभावी साबित हो रही है। चिकित्सकों ने बताया कि होम्योपैथी उपचार का एक सुरक्षित विकल्प है जो मरीजों को दीर्घकालिक राहत प्रदान करता है। इस अवसर पर होम्योपैथी के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

वक्ताओं ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों इस चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने पर जोर दिया ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सके। कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने होम्योपैथी के विकास और विस्तार के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प भी लिया। इस दौरान डा विकास वर्मा, डा पपेश जैन, डा भूपेंद्र साहू, डा तेजराम साहू, डा गिरवर साहू, डा भूपेंद्र सोनी, डा राकेश साहू, डा गोपेश साहू, डा देवेश सिन्हा, डा भूषण साहू, डा देवेंद्र सिन्हा, डा मनोज सिंह, डा नरेंद्र चंद्राकर सहित अन्य होम्योपैथी चिकित्सक उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा