स्वर्गीय संतोष नेताम की स्मृतियों को समर्पित महानदी सभागार का लोकार्पण

 






धमतरी, 03 नवंबर (हि.स.)। जिला कार्यालय परिसर में नवनिर्मित स्वर्गीय संतोष नेताम महानदी सभागार का लोकार्पण मंगलवार को उनकी धर्मपत्नी एवं जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रश्मि नेताम ने किया। अपने जीवनसाथी की स्मृति में निर्मित सभागार का लोकार्पण उनके लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने स्वर्गीय संतोष नेताम के सरल व्यक्तित्व, कार्यशैली और जिले के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

रश्मि नेताम ने कहा कि स्वर्गीय संतोष नेताम की स्मृति में निर्मित सभागार का लोकार्पण उनके परिवार के लिए अत्यंत भावुक और आत्मीय क्षण है। किसी व्यक्ति के कार्यों और योगदान को सार्वजनिक स्मृति से जोड़ना उसके प्रति समाज के सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। उन्होंने इस संवेदनशील पहल के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अपने संबोधन में स्वर्गीय संतोष नेताम के साथ कार्य करने के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिले में विभिन्न विकास कार्यों, विशेषकर कलेक्टर सड़कों सहित अनेक निर्माण कार्यों के सर्वेक्षण के दौरान उन्हें उनके साथ काम करने का अवसर मिला था। स्वर्गीय नेताम ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और कार्यकुशलता से किया। जिले के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके सेवाभाव और कार्यनिष्ठा को सम्मान देने तथा भावी पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराने के उद्देश्य से महानदी सभागार का नामकरण उनके नाम पर किया गया है।

कलेक्टर ने कहा कि जिला कार्यालय में समय-समय पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकें, समीक्षा बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शासकीय आयोजन होते हैं। इन गतिविधियों के लिए एक सुव्यवस्थित, विशाल और सुविधायुक्त सभागार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नवनिर्मित महानदी सभागार इस आवश्यकता को पूरा करने के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय, विचार-विमर्श तथा प्रशासनिक कार्यों को गति देने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की पहचान केवल उसके भवनों और संसाधनों से नहीं, बल्कि उससे जुड़े लोगों के समर्पण और योगदान से बनती है। स्वर्गीय संतोष नेताम के नाम पर सभागार का नामकरण इसी सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।

इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तैयार कक्षा 12वीं कला संकाय की प्रश्न बैंक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इसमें इतिहास एवं राजनीति विज्ञान विषयों के प्रश्न संकलित किए गए हैं। यह प्रश्न बैंक विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी में मार्गदर्शन देने और विषयों की बेहतर समझ विकसित करने में सहायक होगी। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को बेहतर बनाने में सहयोग देना है।

उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय संतोष नेताम धमतरी में लोक निर्माण विभाग में कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ थे। शासकीय सेवाकाल के दौरान पिछले वर्ष नवंबर में हृदयगति रुकने से उनका आकस्मिक निधन हो गया था। वे अपने मधुर व्यवहार, सरल व्यक्तित्व, मिलनसार स्वभाव और कार्य के प्रति अटूट समर्पण के लिए पहचाने जाते थे। निर्माण कार्यों के प्रति उनकी तकनीकी समझ, सक्रियता और दायित्वों के निर्वहन में प्रतिबद्धता ने उन्हें अधिकारियों एवं सहकर्मियों के बीच विशिष्ट पहचान दिलाई थी। उनके असामयिक निधन से विभाग और जिले के प्रशासनिक परिवार को अपूरणीय क्षति हुई थी। महानदी सभागार को उनके नाम से समर्पित करना केवल नामकरण नहीं, बल्कि उनके सेवाभाव, कार्यनिष्ठा और आत्मीय व्यक्तित्व के प्रति जिला प्रशासन की श्रद्धांजलि है।

यह सभागार आने वाले वर्षों में उनकी स्मृतियों और योगदान को जीवंत रखेगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, पुलिस अधीक्षक भावना पांडे, वनमंडलाधिकारी कृष्णा यादव, नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा