सीवर वैक्यूम मशीनें बेअसर, बदहाल शौचालयों से बढ़ा खतरा

 


धमतरी, 20 मार्च (हि.स.)।शहर में सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नगर निगम द्वारा अत्याधुनिक वैक्यूम आधारित सीवर मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई वार्डों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। दानीटोला, बांसपारा और रामसागरपारा सहित कई इलाकों के सामुदायिक शौचालय वर्षों से गंदगी और बदहाली का शिकार हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति यह है कि कई शौचालयों के सेप्टिक टैंक समय पर साफ नहीं होने के कारण गंदा पानी सीधे नालियों में बह रहा है। इससे न केवल नालियां जाम हो रही हैं, बल्कि दुर्गंध और मच्छरों की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।

नगर निगम के पास 4888 लीटर और 8988 लीटर क्षमता वाली दो वैक्यूम सीवर मशीनें उपलब्ध हैं, जिनसे शहर के 40 वार्डों में सफाई कार्य किया जाना है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में इन मशीनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। नालियों की सफाई भी नियमित रूप से नहीं होने के कारण जलभराव और गंदगी की समस्या बनी रहती है।हालांकि, निगम द्वारा कुछ स्थानों पर कार्रवाई भी की जा रही है। शुक्रवार को एकलव्य आवासीय विद्यालय पथरीडीह में वैक्यूम मशीन के जरिए 15 सेप्टिक टैंकों की सफाई की गई, जिसके लिए 48,500 रुपये शुल्क जमा किया गया। साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग भी कराई गई।नगर निगम के

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रभारी सदस्य नीलेश लुनिया ने बताया कि शहर में कहीं भी मैनुअल सफाई नहीं की जा रही है और पूरी प्रक्रिया मशीनों से की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगम नागरिकों को भी यह सुविधा उपलब्ध करा रहा है, जिसके तहत शहर में 1500 रुपये प्रति ट्रिप और बाहरी क्षेत्रों में 2500 रुपये शुल्क निर्धारित है।इसके बावजूद नागरिकों की मांग है कि सामुदायिक शौचालयों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित कर व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा