सड़क हादसे में घायलों को डेढ़ लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, सात दिनों तक मिलेगी सुविधा
बलरामपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को आर्थिक परेशानी के बिना समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पीएम-राहत योजना संचालित की जा रही है।
योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को हादसे के बाद अधिकतम सात दिनों तक डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार दिया जाएगा। यह सुविधा शासकीय अस्पतालों के साथ योजना के तहत अनुमोदित निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है।
योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए हादसे के बाद का पहला एक घंटा यानी गोल्डन आवर बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान समय पर उपचार मिलने से घायल की जान बचाने में मदद मिल सकती है। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि दुर्घटना पीड़ितों को बिना देरी के आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। मरीज की पहचान तत्काल उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी जरूरी उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।
योजना के संचालन के लिए ईडीएआर और टीएमएस 2.0 प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। अस्पतालों को दुर्घटना से संबंधित जानकारी इन पोर्टल पर समय पर दर्ज करने तथा पीड़ितों को संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़क पर घायल पड़ा व्यक्ति किसी का बेटा, बेटी, पिता या मां हो सकता है। ऐसे समय में मूकदर्शक बनने के बजाय आगे बढ़कर उसकी मदद करना जरूरी है।
कलेक्टर ने लोगों से दुर्घटना होते ही 112 पर सूचना देने और घायल को बिना देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोल्डन आवर में उठाया गया एक कदम किसी की जान बचा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार के गुड समेरिटन प्रावधानों के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले प्रत्यक्षदर्शी को अनावश्यक पुलिस पूछताछ से संरक्षण दिया गया है। उन्होंने नागरिकों से बिना भय या संकोच के घायलों की मदद करने तथा स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को दुर्घटना एवं घटनास्थल की जानकारी देने की अपील की, ताकि पीड़ित को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय