रेत घाटों के संचालन में पारदर्शिता की मांग, कलेक्ट्रेट पहुंची जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी

 


धमतरी, 29 सितंबर (हि.स.)। में 16 अक्टूबर 2026 से मानसून उपरांत नए एवं पुराने रेत घाटों में उत्खनन एवं परिवहन शुरू होने से पहले पारदर्शी एवं नियमानुसार संचालन सुनिश्चित करने की मांग को लेकर मंगलवार कलेक्टर जनदर्शन में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे।

पार्टी ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धमतरी के माध्यम से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के समक्ष रेत खदानों के संचालन में भौतिक एवं जीपीएस सीमांकन, सूचना बोर्ड, शासकीय दर-सूची प्रदर्शित करने तथा अवैध मशीनी उत्खनन एवं ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाने की मांग रखी।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जिला धमतरी के अध्यक्ष निखलेश देवान ने मंगलवार काे बताया कि जिले एवं धमतरी तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी नए एवं पुराने रेत घाटों, जिनमें ग्राम तेंदूकोन्हा स्थित खसरा नंबर 1/502, रकबा 4.90 हेक्टेयर सहित अन्य स्वीकृत घाट शामिल हैं, का संचालन शुरू होने से पहले राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर भौतिक सीमांकन कराया जाना चाहिए।

पार्टी ने मांग की है कि स्वीकृत रकबे के चारों कोनों पर जीपीएस कोऑर्डिनेट अंकित कंक्रीट के पिलर या बुर्जी स्थापित किए जाएं, जिससे स्वीकृत सीमा से बाहर उत्खनन की संभावना को रोका जा सके। प्रत्येक रेत घाट के प्रवेश द्वार पर बड़े एवं स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाने की मांग भी की गई है, जिसमें खदान का नाम, स्वीकृत खसरा नंबर, कुल रकबा, पट्टाधारक या ठेकेदार का नाम, ई-ऑक्शन में स्वीकृत दर, स्वीकृत उत्खनन गहराई तथा शिकायत के लिए संबंधित विभाग का हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित हो। पार्टी ने रेत उत्खनन के तरीके को लेकर भी नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्यावरणीय स्वीकृति एवं एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप नदी के जल प्रवाह क्षेत्र में भारी पोकलेन एवं जेसीबी मशीनों से अत्यधिक गहराई तक उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए तथा स्थानीय मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और नदी के प्राकृतिक प्रवाह की सुरक्षा के लिए नियमानुसार हस्तचलित उत्खनन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही बिना वैध ई-ट्रांजिट पास के रेत परिवहन पर पूर्ण रोक लगाने तथा हाइवा एवं डंपर जैसे भारी वाहनों की ओवरलोडिंग रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाने और तौल-कांटा (वेटब्रिज) की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कहा कि रेत घाटों का संचालन पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय ग्रामीणों के हित, निर्धारित नियमों और आम जनता को नियंत्रित दरों पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था के अनुरूप होना चाहिए। पार्टी ने छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 तथा पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुरूप सभी रेत घाटों की निगरानी एवं संचालन सुनिश्चित करने की मांग प्रशासन से की है। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आगामी रेत उत्खनन सत्र में पारदर्शिता बनाए रखने और अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

मांग करने वालों में देवशरण कामड़े, डोमेंश्वर साहू, यादराम यादव, युमेश देवांगन, शीतल साहू, यशवंत साहू, सीमानदास सहित अन्य शामिल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा