मोबाइल ऐप से होगी खाद की खरीद, उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल

 


धमतरी, 10 अक्टूबर (हि.स.)। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जिले में मोबाइल ऐप आधारित नई डिजिटल प्रणाली लागू की जा रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग की ओर से जिला पंचायत सभाकक्ष में फ्रेमवर्क फार फर्टिलाइजर सेल विषय पर एक दिवसीय वर्चुअल प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

राज्य स्तर से आयोजित प्रशिक्षण में धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी विकासखंड के कृषि विभाग के अधिकारियों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों, थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं तथा किसानों ने भाग लिया। जिले के 100 से अधिक प्रतिभागियों को नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। मोबाइल ऐप आधारित उर्वरक वितरण प्रणाली को पहले गरियाबंद और बीजापुर जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया गया था। इसके बाद रबी सीजन 2026-27 से इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण को व्यवस्थित करना, कालाबाजारी पर नियंत्रण रखना तथा किसानों को खाद प्राप्त करने में होने वाली अनावश्यक परेशानियों को कम करना है। इसके अंतर्गत पीओएस मशीन से अनिवार्य बिक्री, उपलब्ध स्टॉक का वास्तविक समय में मिलान, पात्र किसानों का पंजीयन और आधार लिंकिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे उर्वरकों की मांग का आकलन करने, भंडारण एवं वितरण की कार्ययोजना बनाने और अमानक उर्वरकों की बिक्री पर निगरानी मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नई प्रणाली के तहत किसान एफएफएस फर्टिलाइजर ऐप के माध्यम से उर्वरक खरीद की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। जिन किसानों के पास अपना मोबाइल फोन नहीं है, वे परिवार के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से ऐप इंस्टॉल कर आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद टोकन अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से निर्धारित केंद्र से अनुशंसित मात्रा में उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा। किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। प्रशिक्षण में उप संचालक कृषि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के जिला नोडल अधिकारी और अनुविभागीय कृषि अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। नई व्यवस्था से उर्वरक की उपलब्धता, बिक्री और वितरण की निगरानी बेहतर होने तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा