भारी वाहन पखांजूर की सड़कों काे निगल रही, ग्रामीणाें ने माइंस की वाहनों का नाम 'राहु-केतु' रखा
कांकेर, 17 अगस्त (हि.स.)। कांकेर जिले के पखांजूर की सड़कों पर सुरजागढ़ माइंस के भारी वाहनों की आवाजाही अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों ने इन भारी वाहनों का नाम 'राहु-केतु' रख दिया है। वजह भी दिलचस्प है, लोगों का कहना है कि ये वाहन सड़क को धीरे-धीरे निगल रहे हैं और पुराने पुल-पुलियों पर भी लगातार भारी दबाव पड़ रहा है।
तस्वीरों में भारी वाहन पुल से गुजरते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पहले से खराब सड़क, गड्ढे और वाहनों से उड़ती धूल ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा रखी है। हाल ही में ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग को लेकर एसडीएम पखांजूर को आवेदन भी दिया गया था, जिसमें सड़क और करीब 60 वर्ष पुराने अंजली पुल की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूर्य ग्रहण में राहु-केतु सूर्य को ढक देते हैं, लेकिन पखांजूर के सुरजागढ़ माइंस के भारी वाहनों रूपी'राहु-केतुओं' का असर थोड़ा अलग है,ये सड़क को ढकने के बजाय सड़क को ही खाते नजर आते हैं। धूल इतनी कि वाहन के पीछे से निकले तो सामने वाला दिखाई तक नही देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि माइंस के भारी वाहनों के संचालन के लिए यह सड़क और पुल की क्षमता का ध्यान नही दिया जा रहा है। चुनावी मौसम में सड़क के गड्ढे मुद्दा बनते हैं और भाषणों में विकास भी खूब दिखाई देता है, लेकिन जमीन पर जनता धूल फांक रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे