बिजनापुरी की हथकरघा कला को मिलेगा नया विस्तार, कलेक्टर ने बुनकरों का बढ़ाया उत्साह
धमतरी, 11 जून (हि.स.)। जिले की समृद्ध हथकरघा परंपरा को नई पहचान दिलाने की दिशा में पहल करते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने गुरूवार को विकासखंड के ग्राम बिजनापुरी स्थित अभिनव बुनकर सहकारी समिति का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने समिति में संचालित हथकरघा गतिविधियों का अवलोकन किया तथा बुनकरों से चर्चा कर उत्पादन, विपणन और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान बुनकर सुषमा बाई देवांगन सहित अन्य कारीगरों ने समिति की गतिविधियों और पारंपरिक बुनाई कला से जुड़ी जानकारी साझा की। कलेक्टर को बताया गया कि समिति द्वारा पारंपरिक बिनगुटी, चारबुटी एवं देवली शैली की आकर्षक साड़ियों का निर्माण किया जाता है, जो अपनी विशिष्ट डिजाइन, उत्कृष्ट बुनाई और सांस्कृतिक पहचान के कारण विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
कलेक्टर ने बुनकरों के कौशल और उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा कला जिले की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार से जोड़कर बुनकरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। इसके लिए उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, डिजिटलीकरण तथा विभिन्न प्रदर्शनियों और विपणन मंचों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बुनकरों को शासकीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बुनकरों को नई तकनीकों, आधुनिक डिजाइनों और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए विश्वास जताया कि स्थानीय कारीगरों की मेहनत, पारंपरिक ज्ञान और उत्कृष्ट कौशल के बल पर जिले के हथकरघा उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएंगे तथा रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र ठाकुर, एसडीएम नभ सिंह तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा