बलरामपुर : सर्पदंश के वैज्ञानिक उपचार का दिया गया प्रशिक्षण

 


बलरामपुर, 21 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सर्पदंश से होने वाली मौतों और गंभीर जटिलताओं को कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सर्पदंश रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। संगवारी संस्थान के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में आज मंगलवार सर्पदंश की पहचान, वैज्ञानिक उपचार और एंटी स्नेक वेनम के सही उपयोग की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में डीएनबी फैमिली मेडिसिन के विशेषज्ञ प्रशिक्षक डॉ. चैतन्य मलिक ने स्वास्थ्यकर्मियों को विषैले और अविषैले सांपों की पहचान, प्राथमिक उपचार, एंटी स्नेक वेनम के वैज्ञानिक उपयोग तथा रैपिड प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज की प्रक्रिया समझाई। साथ ही आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि सर्पदंश जिले के लिए एक बड़ी जनस्वास्थ्य चुनौती है। ऐसे प्रशिक्षण से स्वास्थ्यकर्मी पीड़ितों को समय पर गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि सही समय पर एंटी स्नेक वेनम और उचित इलाज मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। साथ ही ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सर्पदंश से बचाव और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।

कार्यशाला में जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स शामिल हुए।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय