बलरामपुर : तातापानी महोत्सव में क्षेत्रीय कलाकार को मिला मंच, पवन पाण्डेय की शानदार प्रस्तुति ने लूटा दर्शकों का दिल
बलरामपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव 2026 में इस बार क्षेत्रीय प्रतिभा ने अपनी अलग पहचान बनाई। स्थानीय कलाकार पवन पाण्डेय ने अपनी ऊर्जावान और भावनात्मक प्रस्तुति से यह साबित कर दिया कि यदि सही मंच मिले, तो क्षेत्रीय कलाकार भी किसी बड़े नाम से कम नहीं। उनके लोकप्रिय गीत ‘तातापानी के मेला पिया’ पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे और पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा।
उल्लेखनीय है कि तातापानी महोत्सव 2026 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में पवन पाण्डेय की प्रस्तुति खास आकर्षण का केंद्र रहा। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, दर्शकों में उत्साह देखने लायक था। गीत के बोल और धुन में स्थानीय संस्कृति की मिठास साफ झलक रही थी, जिसने हर आयु वर्ग के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने पवन पाण्डेय की जमकर सराहना करते हुए इसे महोत्सव की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में से एक बताया। लोगों का कहना था कि उनकी गायकी में मिट्टी की सुगंध, लोकभावना और क्षेत्रीय आत्मा समाहित है, जो सीधे दिल को छू जाती है।
इस अवसर पर पवन पाण्डेय ने कहा कि, यदि उन्हें पूरा समय और अवसर दिया जाए, तो वे तातापानी महोत्सव जैसे बड़े मंच पर और भी अधिक रचनात्मक, बेहतरीन और यूनिक प्रस्तुति दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षेत्रीय कलाकारों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित मंच और सम्मान की है।
हालांकि, उन्होंने यह पीड़ा भी साझा की कि अक्सर स्थानीय कलाकारों को पर्याप्त समय और अवसर नहीं मिल पाता है। बाहरी नामचीन ग्रुपों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि क्षेत्रीय कलाकार पीछे रह जाते हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें कहीं न कहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी एक बड़ा कारण है।
अंत में पवन पाण्डेय ने जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में तातापानी महोत्सव सहित अन्य आयोजनों में भी स्थानीय कलाकारों को अधिक प्रोत्साहन और अवसर दिए जाएंगे, ताकि वे अपनी कला के माध्यम से जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय