बलरामपुर : एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान को मिली रफ्तार, अब तक 87 हजार 332 किसानों का हुआ पंजीयन
बलरामपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। जिले में एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान को तेज करते हुए किसानों का डोर-टू-डोर संपर्क और विशेष शिविरों के माध्यम से पंजीयन किया जा रहा है। अभियान के तहत, आज शनिवार पात्र किसानों को एकीकृत डिजिटल किसान पहचान उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और अन्य डिजिटल सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
अभियान के तहत ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में घर-घर जाकर किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। ग्राम मानिकपुर में अधिकारियों और मैदानी अमले ने किसानों से सीधे संपर्क किया। वहीं नगर पालिका रामानुजगंज, विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम दोहना, कुसमी के ग्राम जवाहरनगर, ग्राम बचवार, कोठली तथा वाड्रफनगर के ग्राम पंडरी में विशेष शिविर लगाकर एग्रीस्टैक पंजीयन कराया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार एक दिन में 1,177 किसानों का पंजीयन किया गया, जबकि अब तक जिले के कुल 87,332 किसान एग्रीस्टैक से जुड़ चुके हैं।
एग्रीस्टैक पंजीयन से किसानों को एकीकृत डिजिटल किसान पहचान मिलेगी। इसके माध्यम से कृषि योजनाओं, अनुदान, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और अन्य डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से मिल सकेगा।
अभियान के सफल संचालन के लिए राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग का मैदानी अमला समन्वय के साथ कार्य कर रहा है। किसानों को पंजीयन के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से गांव-गांव में संपर्क अभियान और विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को भी अभियान से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकी सीएससी, तहसील कार्यालय या शिविर में पहुंचकर एग्रीस्टैक पंजीयन अवश्य कराएं। इससे भविष्य में कृषि योजनाओं और डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने के साथ किसान संबंधी अभिलेखों के सत्यापन और अद्यतन की प्रक्रिया भी आसान होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय