जगदलपुर के बांडा पारा स्कूल में बाल संरक्षण अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

 


जगदलपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण इकाई, बस्तर द्वारा आज मंगलवार काे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बांडा पारा, विकासखंड जगदलपुर एवं शासकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय बकावंड जिला बस्तर में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई की परामर्शदाता श्रीमती रंजीता देवांगन एवं आउटरीच वर्कर (ओआरडब्ल्यू) श्रीमती ललिता बघेल ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं एवं बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी।

इस दौरान परामर्शदाता श्रीमती रंजीता देवांगन ने विद्यार्थियों को मिशन वात्सल्य योजना, गुड टच-बैड टच, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों, बाल श्रम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तथा बाल अधिकारों के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से वे स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अन्य बच्चों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा किसी भी प्रकार के अनुचित स्पर्श, दुर्व्यवहार या असुरक्षित स्थिति का सामना करने पर बिना डर के अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के भविष्य, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास को प्रभावित करते हैं। इसलिए इनके उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक एवं जिम्मेदार बनना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों तथा बाल संरक्षण से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक एवं सशक्त बनाना था।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे