कुपोषण दर में कमी लाने मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाएं - कलेक्टर

 


बलरामपुर, 27 अगस्त (हि.स.)।महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की।

आज गुरुवार को उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने, आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

कलेक्टर ने सीडीपीओ एवं सेक्टर सुपरवाइजरों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति की निगरानी करने और निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्टिंग से काम नहीं चलेगा। अधिकारी-कर्मचारी मैदानी स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति देखें और कमियों का तत्काल निराकरण करें। उन्होंने कहा कि कार्य के अनुरूप ही वेतन दिया जाएगा।

कलेक्टर ने जिले में कुपोषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए गंभीर रूप से कुपोषित एवं कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उन्हें कुपोषण से बाहर लाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने डोर-टू-डोर विजिट कर बच्चों की स्थिति की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा।

उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के लिए परिवार और समुदाय की सहभागिता जरूरी है। इसके लिए फील्ड में जाकर अभिभावकों से सीधे संवाद करें और बच्चों के पोषण, खान-पान एवं स्वास्थ्य के संबंध में आवश्यक समझाइश दें। पोषण संबंधी गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को रेडी-टू-ईट पोषण आहार के सही उपयोग की जानकारी देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह शासन की महत्वपूर्ण योजना है और कोई भी पात्र महिला इसके लाभ से वंचित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की समीक्षा करते हुए मेन्यू के अनुसार निर्धारित समय पर बच्चों को गर्म एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर एएनसी पंजीयन, टीकाकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने को कहा। सुपोषण चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को पोषण आहार की जानकारी देने तथा वीएचएसएनडी दिवस की गतिविधियों की नियमित एवं वास्तविक रिपोर्टिंग करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने पोषण ट्रैकर में सभी आवश्यक प्रविष्टियां समय पर और सही दर्ज करने को कहा। साथ ही अपार आईडी संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने 15 सितंबर तक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने, मैदानी स्तर पर सक्रिय रहने और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी रामाकांत चन्द्राकर सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय