बस्तर के युवाओं में असीम क्षमता, अराजकता बिल्कुल नहीं : विश्वविजय सिंह तोमर

 


युवा शक्ति, विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला के मूल मंत्र के साथ युवा उड़ान 2026' का आयोजन हुआ संपन्न

जगदलपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग एवं जिला प्रशासन बस्तर के संयुक्त तत्वावधान में स्व. बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में गुरुवार काे ‘युवा उड़ान 2026’ का आयोजन हुआ। युवा शक्ति, विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस विशेष सम्मेलन में युवाओं के सशक्तिकरण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर गहन मंथन किया गया। बीजापुर से बलरामपुर तक चलाए जा रहे संवाद अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को सकारात्मक दिशा में ऊर्जा लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर और देश का युवा सदैव सृजनात्मक सोच रखता है और वह कभी अराजक नहीं हो सकता। डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सचेत किया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर बात सच नहीं होती। कुछ विघटनकारी ताकतें भ्रामक सामग्री फैलाकर युवाओं में असंतोष पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराने का षड्यंत्र रचती हैं, इसलिए किसी भी सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय उसके तथ्यों की पड़ताल करना जरूरी है।

देश और प्रदेश में हुए विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए तोमर ने बताया कि वर्ष 2014 की तुलना में देश में एमबीबीएस की सीटें 51 हजार से बढ़कर एक लाख तीस हजार से अधिक और मेडिकल कॉलेज 387 से बढ़कर 823 हो चुके हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा सुलभ हुई है। दंतेवाड़ा में खुले नए मेडिकल कॉलेज का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के छात्र अब अपने ही अंचल में रहकर डॉक्टर बन रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती परीक्षाओं में आई शुचिता का उल्लेख करते हुए कहा कि अब बिना किसी सिफारिश के सामान्य और वंचित पृष्ठभूमि के युवा भी डिप्टी कलेक्टर व डीएसपी जैसे उच्च पदों पर चयनित हो रहे हैं। खेल प्रोत्साहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कॉमनवेल्थ पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद व 30 लाख रुपये तथा विश्वकप विजेता कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी को 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिए जाने का जिक्र किया। युवाओं को जीवन मूल्यों की सीख देते हुए उन्होंने पतंग और डोर का उदाहरण दिया और कहा कि जीवन में चाहे जितनी भी सफलता मिले, व्यक्ति को अपने परिवार, समाज और सांस्कृतिक जड़ों से हमेशा जुड़े रहना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने युवाओं को देश की दशा और दिशा तय करने वाला मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' और 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को साकार करने की धुरी युवा पीढ़ी ही है। नागरिकों को सिर्फ अधिकारों की मांग करने के बजाय अपने मौलिक कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए और यह आत्ममंथन करना चाहिए कि वे समाज और राष्ट्र के उत्थान में क्या योगदान दे रहे हैं। कलेक्टर ने डिजिटल दौर में युवाओं के भीतर तार्किक सोच (क्रिटिकल थिंकिंग) के विकास पर बल दिया, ताकि वे सूचनाओं को सही कसौटी पर परख सकें। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के लिए उन्होंने लाला जगदलपुरी लाइब्रेरी में स्थापित 'बस्तर कंटेंट क्रिएटर लैब' का जिक्र किया, जहां पॉडकास्ट, उन्नत कैमरे और वीडियो एडिटिंग की आधुनिक सुविधाएं नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध कराई गई हैं।

समारोह के विभिन्न ज्ञानवर्धक सत्रों में प्रोफेसर मणि शंकर मिश्रा ने केंद्र व राज्य शासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जबकि प्रोफेसर समीर ठाकुर एवं डॉ. विनय प्रताप सिंह ने 'विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ में युवाओं की भूमिका' विषय पर विचार रखे। इसके साथ ही डॉ. भुवनेश्वर लाल साहू एवं डॉ. सियालाल नाग ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा पर व्याख्यान दिया तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने युवाओं को साइबर सुरक्षा और डिजिटल अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर नगर के महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवागण उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे