तीन दिवसीय “यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव” का शुभारंभ 28 काे
राज्यपाल डेका करेंगे शुभारंभ, मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री भी रहेंगे मौजूद
रायपुर, 27 सितम्बर, (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवचार, उद्यमिता विकास एवं प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का सोमवार 28 सितम्बर को राज्यपाल रमेन डेका शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे।
इस अवसर पर कृषि विकास किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम तथा विधायक द्वय मोतीलाल साहू एवं अनुज शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि मंडपम में 28 से 30 सितम्बर तक “छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से किया जा रहा है। यूथ कॉन्क्लेव के दौरान युवा नेतृत्व वाले उद्यमों और संस्थागत नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली “नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी” भी आयोजित की जाएगी तथा कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित पिचिंग सत्र में शामिल शीर्ष तीन स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख रूपये, पचहत्तर हजार रूपये तथा पचास हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर के नवनिर्मित भवन का शुभारंभ भी किया जाएगा। यूथ कॉन्क्लेव 2026 को लेकर छत्तीसगढ़ के युवाओं में जबरदस्त उत्साह है और अब तक 1200 से अधिक युवा छात्रों, नवाचारी उद्यमियों एवं स्टार्टअप के आकांक्षी युवाओं ने पंजीयन करा लिया है। यूथ कॉन्क्लेव में शामिल होने के इच्छुक युवाओं के लिए स्पॉट पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर दो एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा। यहां हाई-टेक एवं अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, आधुनिक एनालिटिकल एवं टेस्टिंग सुविधाएं, किट एवं तकनीक विकास इकाइयां, वेस्ट ट्रीटमेंट सिस्टम तथा को-वर्किंग एवं इनक्यूबेशन स्पेस उपलब्ध हैं। केंद्र का उद्देश्य ‘लैब से टेक्नोलॉजी और टेक्नोलॉजी से उद्यम’ की यात्रा को सहयोग देना है। एग्री-बायोटेक्नोलॉजी, बायोफर्टिलाइजर एवं बायोकंट्रोल एजेंट्स, हेल्थ एवं डायग्नोस्टिक्स, फूड बायोटेक्नोलॉजी, पर्यावरणीय जैव-प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को प्रयोगशाला सुविधाएं, प्रशिक्षण, मेंटरिंग, परीक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल