ई-केवायसी कराने धमतरी जिले के श्रमिकों में दिलचस्पी नहीं
धमतरी, 24 अक्टूबर (हि.स.)। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों का ई-केवायसी अनिवार्य है, लेकिन श्रमिकों में दिलचस्पी नहीं है। जिले के एक लाख 15 हजार श्रमिकों का ई-केवायसी नहीं हुआ है। अब तक विभाग में सिर्फ 29633 श्रमिकों ने ई-केवायसी के लिए आवेदन किया है, जबकि शेष पंजीकृत श्रमिक ई-केवायसी के लिए आवेदन ही नहीं किया है। ई- केवायसी नहीं कराने वाले पंजीकृत श्रमिकों को विभागीय व सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है, ऐसे में ई-केवायसी अनिवार्य है।
श्रमिकों के पंजीयन की जानकारी को अद्यतन करने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों के ई- केवायसी का कार्य किया जा रहा है। जिले में एक लाख 15,600 श्रमिक चिन्हांकित किए गए हैं, जिनका ई-केवायसी अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है। केवल 29,633 श्रमिकों के ई-केवायसी के लिए आवेदन प्राप्त हुआ है, जिनका ई-केवायसी के लिए प्रकि्रया जारी है। श्रम विभाग के अनुसार श्रमिक पंजीयन कार्ड में आवश्यक संशोधन एवं ई-केवायसी समय पर नहीं कराने से भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए आवेदन करने तथा उनका लाभ प्राप्त करने में तकनीकी कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सभी पंजीकृत निर्माण एवं असंगठित श्रमिक अपना ई-केवायसी कराएं, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न हो।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि ई-केवायसी की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपद पंचायतों एवं मैप किए गए च्वाइस सेंटर संचालकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। जिले में अधिकाधिक च्वाइस सेंटर संचालकों को ई-केवायसी प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि श्रमिकों को अपने नजदीकी केंद्र पर यह सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके।
ई-केवायसी कराने के लिए श्रमिक अपने नजदीकी च्वाइस सेंटर में आधार कार्ड की मूल प्रति तथा श्रमिक का सहमति पत्र लेकर उपस्थित हों। प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी तथा ई-हस्ताक्षर के लिए आवश्यक ओटीपी की जरूरत होगी। श्रमिक स्वयं उपस्थित रहकर संबंधित सीएससी संचालक के समक्ष ओटीपी उपलब्ध कराते हुए प्रक्रिया पूर्ण कराएं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा