धमतरी नगर निगम में महिला आरक्षण पर संकल्प पारित, बैठक रही हंगामेदार
धमतरी, 24 अप्रैल (हि.स.)। नगर पालिक निगम में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल के समर्थन में विशेष सामान्य सभा आयोजित की गई। बैठक में महापौर रामू रोहरा के उद्बोधन के बाद बहुमत के आधार पर संकल्प पारित किया गया। महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर भी स्थानीय स्तर पर राजनीतिक बहसबाजी बनी हुई है। जहां एक ओर भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठा रही है।
बैठक के दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। माहौल इतना गरमाया कि बैठक के बाद भाजपा पार्षद नारेबाजी करते हुए गांधी प्रतिमा तक पहुंच गए और अपने पक्ष में विरोध दर्ज कराया। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में शुरुआत से ही राजनीतिक तनाव दिखाई दिया। सभापति कौशिल्या देवांगन ने हस्तक्षेप कर माहौल को शांत कराया, जिसके बाद राष्ट्रगान और राज्यगीत के साथ बैठक औपचारिक रूप से आगे बढ़ी। महापौर ने अपने संबोधन में महिला आरक्षण, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया और नारी शक्ति वंदन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।
महापौर रामू रोहरा ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि लोकसभा में कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को समर्थन नहीं दिया और इसे गिराने का प्रयास किया। इस पर कांग्रेस पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया, जिससे बैठक में जोरदार हंगामा हुआ
भाजपा पार्षद विरोध जताने के लिए काले कपड़े पहनकर निगम पहुंचे थे।बैठक के बाद वे गांधी प्रतिमा पहुंचे और नारेबाजी करते हुए महिला आरक्षण के समर्थन में अपना रुख दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पारित प्रस्ताव भेजा जाएगा। भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल सीमित नेताओं तक ही महिला सशक्तिकरण को देखती है। इस दौरान कई भाजपा पार्षद और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस पार्षद दल के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम 2023 पहले ही पारित हो चुका है। सरकार ने इसे परिसीमन से जोड़कर लागू करने में देरी की। यह कदम महिलाओं के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह केंद्र सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा