चप्पल बनाने की मशीन दिलाने के नाम पर महिला समूह से ठगी, सात साल बाद भी नहीं मिला पूरा पैसा
धमतरी, 14 जुलाई (हि.स.)। ग्राम बंजारी की चेतना महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने चप्पल बनाने की मशीन उपलब्ध कराने के नाम पर कथित तौर पर की गई धोखाधड़ी के मामले में मंगलवार को कलेक्टोरेट के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर कलेक्टर को शिकायत सौंपी और आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा बकाया राशि दिलाने की मांग की।
समूह की अध्यक्ष ममता साहू ने बताया कि शासन की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़कर महिलाएं चप्पल निर्माण का कार्य शुरू करना चाहती थीं। इसी दौरान देवेश दुबे ने मशीन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाते हुए एक लाख रुपये की मांग की। शिकायत के अनुसार वर्ष 2019 और 2020 में कुल 90 हजार रुपये नकद दिए गए, जिसकी रसीद भी उपलब्ध है। बाद में चप्पल बनाने की मशीन देने के बजाय निरमा बनाने की मशीन देने की बात कही गई, लेकिन केवल मिक्सिंग मशीन दी गई, जबकि पैकिंग मशीन, वजन मशीन और अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे समूह का स्वरोजगार शुरू नहीं हो सका और बैंक ऋण का ब्याज लगातार खाते से कटता रहा।
महिलाओं का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर संबंधित व्यक्ति ने 1,01,900 रुपये का चेक गारंटी के रूप में दिया, लेकिन उसकी अवधि समाप्त हो गई और राशि का भुगतान नहीं हुआ। कई बार कलेक्टर जनदर्शन और संबंधित थाने में शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। समूह की महिलाओं का यह भी आरोप है कि पैसा मांगने पर उन्हें गाली-गलौज की जाती है और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि पिछले सात वर्षों में केवल 40 हजार रुपये ही वापस मिले हैं, जबकि मूलधन के 60 हजार रुपये अब भी बकाया हैं और बैंक अब तक 58,181 रुपये ब्याज के रूप में काट चुका है। महिलाओं ने प्रशासन से आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर शेष 60 हजार रुपये मूलधन तथा 58,181 रुपये ब्याज सहित कुल 1,18,181 रुपये दिलाने की मांग की है। इस दौरान ममता साहू, जनक बाई, वेद बाई साहू, फुलेश्वरी साहू, साधना साहू, लक्ष्मीन साहू, सुरेखा ध्रुव, बारोबाई ध्रुव, संतोषी बाई ध्रुव सहित चेतना महिला स्व सहायता समूह की अन्य सदस्य भी मौजूद रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा