नारी शक्ति महासम्मेलन सम्पन्न :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का काम किया : मुख्यमंत्री साय

 




रायपुर 15 अप्रैल (हि.स.)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आज बुधवार काे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में नारी शक्ति महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न समाजिक संगठन की महिलाएं हजारों की संख्या में शामिल हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नारी शक्ति महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी में एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय होने जा रहा है। संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में पूरे देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का काम किया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम योजना सहित कई योजनाओं का संचालन महिलाओं के लिए केन्द्र सरकार संचालित कर रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में आई मातृशक्ति का पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने कहा है नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित हुआ। नारी शक्ति वंदना अधिनियम पहले भारत के संसद में 1996, 1998, 2008 में प्रस्तुत हुआ लेकिन इस अधिनियम का समर्थन किसी ने नहीं किया। सब महिलाओं को सिर्फ वोटर के तौर पर देखते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2029 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होगा लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को मिलेगा। इसके लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। 2029 में महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हम 2047 तक विकसित भारत बनाएंगे और विकसित भारत बनाने के लिए आधी आबादी का सशक्त होना बहुत जरूरी है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि नारी शक्ति अधिनियम देश की माता-बहनों और बेटियों को सशक्त बनाने की योजना हैं। महिलाओं की नीति निर्माण तथा राजनीतिक नेतृत्व में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं समस्त मातृशक्ति को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अधिनियम केवल एक विधायी दस्तावेज नहीं है बल्कि यह उन करोड़ों महिलाओं के समर्थ उनके संघर्ष और और उनकी अटूट समर्पण का सम्मान है जो घर की चार दिवारी से लेकर अंतरिक्ष के अभियान तक भारत का तिरंगा फहरा रही है।

इस अवसर पर मंच में वर्णिका शर्मा, विभा अवस्थी, पद्मश्री उषा बारले, नीता डूमरे, आदर्श वर्मा, नीलू त्रिपाठी, इला गुप्ता, सविता देवी , भार्वी वैष्णव, शीतल नायक, अस्मिता मक्कड़ सहित विभिन्न समाजिक संगठन की महिला विभूतियां मौजूद रही।

नारी शक्ति वंदन टाऊन हॉल महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बहनों के सम्मान में दर्शक दीर्घा के अंतिम कतार में बैठकर नारी शक्ति वंदन अभियान का अभिनंदन किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरूण साव, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर मौजूद रहें । इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुष्पवर्षा करके बहनों का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय के सुरक्षा में महिला सुरक्षाकर्मी जुटी हुई थी जो नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में चर्चा की विषय बनी रही।

इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करने के लिए महिला मोर्चा ने बाइक रैली के माध्यम से आभार व्यक्त किया। बाइक स्कूटी रैली राजधानी रायपुर के आजाद चौक से प्रारंभ हुई जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संपन्न हुई। कार्यक्रम के बाद महिला मोर्चा की बहनों ने नारी शक्ति पदयात्रा निकालकर सदन में महिलाओं की 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल