अंबिकापुर : किशोरियों के जैविक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर साई कॉलेज में विशेष जागरूकता सत्र
अंबिकापुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। सरगुजा जिले के श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में बुधवार को किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा को केंद्र में रखकर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वुमेंस वेलफेयर एंड एंटी सेक्सुअल हैरासमेंट सेल, सरगुजा साइंस ग्रुप एजुकेशन सोसाइटी और छत्तीसगढ़ एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सेहत के प्रति सचेत करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आत्मीय स्वागत के साथ हुई, जहाँ समाजसेवी अंचल ओझा ने अभिभावकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि किशोरियों के शारीरिक बदलावों, विशेषकर प्रथम मासिक चक्र के दौरान, परिवार का भावनात्मक और स्वास्थ्य संबंधी सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि परिजन शुरुआत से ही सजग रहें, तो किशोरियों का भविष्य बेहतर और सेहतमंद होगा।
इसी क्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने वर्तमान डिजिटल युग में महिलाओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को सचेत किया कि तकनीक जहाँ विकास का द्वार है, वहीं इसके खतरों के प्रति सावधानी बरतना भी जरूरी है। वहीं, वीमेंस सेल की प्रभारी डॉ. अलका पांडेय ने नारी शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी जैविक सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति में नारी के देवी स्वरूपों का उदाहरण देते हुए छात्राओं को अपनी आंतरिक शक्ति और स्वास्थ्य को संजोने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय प्रबंध समिति की सदस्य रेखा इंगोले और अलका इंगोले ने भी उपस्थित छात्राओं व महिला प्राध्यापकों को स्वास्थ्य के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सलाह दी। कार्यक्रम में डॉ. जसप्रीत कौर, डॉ. जगमीत कौर, विनिता मेहता, सूर्य ज्योति शर्मा सहित कॉलेज की समस्त महिला शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं, जिन्होंने स्वास्थ्य और सुरक्षा के इस साझा मंच पर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह