नारी शक्ति वंदन : महिला आरक्षण विधेयक से पंचायत से संसद तक गूंजेगी आधी आबादी की आवाज

 












कोरिया, 16 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय स्थित मानस भवन में गुरुवार काे आयोजित 'जिलास्तरीय महिला जागृति शिविर' के अंतर्गत 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें महिला आरक्षण विधेयक के दूरगामी प्रभावों पर व्यापक मंथन हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी सहित जिले की महिला जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाओं ने शिरकत कर महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने कहा कि समकालीन दौर में महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि वे परिवार और समाज की मजबूती का आधार स्तंभ भी बन चुकी हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिलाओं को मिले संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ उनमें स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता का विकास होना अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि महिलाएं अब पंच-सरपंच से लेकर विधायक और सांसद जैसे शीर्ष पदों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, किंतु सच्चा सशक्तिकरण तभी फलीभूत होगा जब वे पूर्ण आत्मविश्वास के साथ अपने फैसले खुद लेंगी। साथ ही उन्होंने महिलाओं की आर्थिक सुदृढ़ता को उनके विकास की अनिवार्य शर्त बताया।

कानूनी जागरूकता पर प्रकाश डालते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुरेशा चौबे ने महिलाओं को सजग रहने और अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि एक जागरूक और सुरक्षित महिला ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बन सकती है। चर्चा के दौरान उपस्थित महिला जनप्रतिनिधियों ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी कदम करार दिया।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, सदस्य सौभाग्यवती कुसरो, नगरपालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे और नगर पंचायत पटना की अध्यक्ष गायत्री सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक का हृदय से स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के राजनीतिक उत्कर्ष का द्वार बताया।

मानस भवन के परिसर में इस अवसर पर एक विशेष सेल्फी जोन बनाया गया था, जो आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन के समर्थन में हस्ताक्षर कर इस विधेयक के प्रति अपनी एकजुटता और खुशी जाहिर की। महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से आयोजित इस शिविर में वकील, डॉक्टर, पत्रकार और समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना था।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह