बस्तर में 24 घंटे की लगातार बारिश से इंद्रवती नदी का जलस्तर बढ़ा, जनजीवन प्रभावित
जगदलपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। जिले में सावन की शुरुआत के साथ ही जिले में मानसून मेहरबान हो गया है। धान की रोपाई में जुटे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। 24 घंटे की लगातार बारिश से इंद्रवती नदी का जलस्तर बढ़ जाने से चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात पूरे उफान पर हैं।
चित्रकोट की खूबसूरती निखर गई है, जबकि शहर में जलभराव, पेड़ गिरने और जगदलपुर-सुकमा मार्ग पर जाम से जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटे तक बस्तर संभाग के कई जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। लेकिन आज सुबह से लगातार बरसात का दाैर कुछ कम हुुआ है, काले घने बादल से बरसात की संभावना बनी हई है। 24 घंटों के दौरान बड़े बचेली में सबसे अधिक 190 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा हुई। बीजापुर में 120 से 130 मिमी वर्षा हुई।
छत्तीसगढ़ का 'नियाग्रा जलप्रपात' कहलाने वाला चित्रकोट जलप्रपात इन दिनों पूरे शबाब पर है। करीब 90 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी की गर्जना दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे इसकी खूबसूरती और निखर गई है। चित्रकोट जलप्रपात को देखने के लिए हर वर्ष बस्तर, छत्तीसगढ़ के अलावा देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि पिछले 24 घंटे से जारी बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। शहर में लगातार हो रही बारिश से महारानी अस्पताल मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सड़क पर पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं करंजी के आगे एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। स्थानीय ग्रामीण पेड़ को काटकर रास्ता साफ करने में जुटे हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे