बांकी मोंगरा में पेयजल संकट गहराया, कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने कलेक्टर से की त्वरित समाधान की मांग

 


कोरबा, 18 जून (हि. स.)। भीषण गर्मी के बीच बांकी मोंगरा नगर पालिका क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट को लेकर कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। कांग्रेस के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आज कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नगर के विभिन्न वार्डों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने तथा समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि बांकी मोंगरा नगर पालिका क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पानी की आपूर्ति प्रभावित है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर निगम के प्लांट से होने वाली जलापूर्ति नियमित नहीं हो रही है और कई वार्डों में पानी की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पहले जहां लोगों को प्रतिदिन सुबह कुछ समय के लिए पानी उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब वह व्यवस्था भी बाधित हो गई है। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट के कारण लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है और उन्हें पीने के पानी सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि नगर पालिका क्षेत्र के सभी 30 वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और दिन में कम से कम दो बार नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सुबह के समय जलापूर्ति निर्धारित समय पर शुरू करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है, ताकि सभी नागरिकों को पर्याप्त पानी मिल सके।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भी लोगों को पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो चिंताजनक स्थिति है।

ज्ञापन पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, पार्षद श्रीमती राजकुमारी, पार्षद संदीप कुमार तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा की अध्यक्ष तथा नगर निगम आयुक्त को भी भेजी गई है।

स्थानीय नागरिकों को अब जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में पेयजल संकट का जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी