शहर से लगे दो गांवों के निस्तारी तालाब में पानी संकट

 


धमतरी, 17 अप्रैल (हि.स.)। शहर से लगे ग्राम रत्नाबांधा और मुजगहन के मुख्य निस्तारी तालाब में इन दिनों पानी की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिससे ग्रामीणों और मवेशी पालकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने सिंचाई विभाग से नहर के माध्यम से तालाब को शीघ्र भरवाने की मांग की है।

रत्नाबांधा तालाब क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोतों में से एक है, जहां न केवल रत्नाबांधा और मुजगहन के ग्रामीण अपनी दैनिक निस्तारी करते हैं, बल्कि शहर के विवेकानंद वार्ड के लोग भी इस तालाब पर निर्भर हैं। ऐसे में तालाब का जलस्तर गिरना सीधे तौर पर बड़ी आबादी को प्रभावित कर रहा है।

जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण तालाब का जलस्तर तेजी से घटा है। अभी गर्मी का पूरा मौसम बाकी है, ऐसे में यदि समय रहते तालाब को नहीं भरा गया तो जल संकट और गहराने की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर न केवल लोगों की दैनिक जरूरतों पर पड़ेगा, बल्कि मवेशियों के लिए भी पानी की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों ने भी इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि प्रशासन जल्द पहल करते हुए नहर के माध्यम से तालाब में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे, साथ ही सफाई, संरक्षण और सुंदरीकरण के कार्य भी प्राथमिकता से कराए, ताकि आने वाले समय में इस तरह की समस्या से बचा जा सके।

ग्रामीणों ने कहा तालाब की हो सफाई, किया जाए सुंदरीकरण

ग्रामीण चंदन साहू ने कहा कि तालाब की नियमित सफाई नहीं होने से उसमें गंदगी फैल गई है, जिससे पानी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। वहीं रतन कुमार साहू ने तालाब के संरक्षण के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की आवश्यकता बताई, ताकि बाहरी गंदगी और अतिक्रमण को रोका जा सके। पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि तालाब सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों का भी प्रमुख स्थल है, इसलिए इसकी साफ-सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ग्रामीण सेवाराम साहू ने भी बाउंड्री वॉल निर्माण और तालाब के सुंदरीकरण की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल तालाब सुरक्षित रहेगा, बल्कि आसपास का वातावरण भी स्वच्छ और आकर्षक बनेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा