बलरामपुर : एक महीने में बने 54 हजार से ज्यादा जल संरक्षण गड्ढे

 


-बारिश से भरने लगे मॉडल स्ट्रक्चर, खेतों में सहेजी जा रही हर बूंद

बलरामपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जिले को बड़ी सफलता मिली है। आज गुरुवार जारी जानकारी के अनुसार, 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत किसानों ने एक महीने में 54,179 से अधिक वर्षा जल संरक्षण मॉडल स्ट्रक्चर तैयार किए हैं, जो मानसून की बारिश से अब लबालब भरने लगे हैं।

जल शक्ति अभियान के तहत जिले में 63,800 मॉडल स्ट्रक्चर बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले अब तक 54,179 से अधिक संरचनाओं का निर्माण और जियो टैगिंग पूरी हो चुकी है। हाल की बारिश के बाद इनमें पानी का भराव शुरू हो गया है, जिससे खेतों में वर्षा जल का संरक्षण हो रहा है।

इन संरचनाओं से वर्षा का पानी बहकर निकलने के बजाय खेतों में ही रुक रहा है। इससे भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिल रहा है और फसलों के लिए लंबे समय तक मिट्टी में नमी बनी रहने में मदद मिल रही है।

जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों के छोटे-छोटे प्रयास मिलकर जल संरक्षण का बड़ा अभियान बन चुके हैं। भविष्य में यही पहल जल संकट से निपटने, भू-जल स्तर बढ़ाने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

प्रशासन ने किसानों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर अधिकतम संरक्षण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय