बोड़को-पंचायत में पांच साल से अटकी मजदूरी की होगी जांच, चार दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
सुकमा, 08 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के ग्राम पंचायत बोड़को में तालाब, डबरी और समतलीकरण के काम की करीब 08 लाख रुपये की मजदूरी पांच साल से नहीं मिलने की शिकायत पर प्रशासन ने गुरुवार काे जांच के आदेश दिए हैं।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला पंचायत ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। समिति को चार दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के लिए जिला अंकेक्षक (पंचायत) विनीत तिवारी, सहायक परियोजना अधिकारी पवन कुमार साहू और समन्वयक तकनीकी रविशंकर शोरी की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति को पूरे मामले की जांच कर चार दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
जिला पंचायत के सीईओ मुकुंद ठाकुर ने 8 अक्टूबर को जांच के आदेश जारी किए। इसमें जनपद पंचायत सुकमा के तहत ग्राम पंचायत बोड़को में मनरेगा से हुए तालाब, डबरी और समतलीकरण के काम में मजदूरी भुगतान की शिकायत की जांच करने को कहा गया है। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2022 से पहले हुए इन कामों की करीब 8 लाख रुपए की मजदूरी लंबे समय से लंबित है।
ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरी की राशि निकाले जाने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिला। जांच में यह देखा जाएगा कि तालाब, डबरी और समतलीकरण के काम में कितने लोगों ने मजदूरी की थी। उनके नाम पर कितनी मजदूरी स्वीकृत हुई, कितनी राशि निकाली गई और वास्तव में कितने लोगों को भुगतान किया गया, इसकी जांच होगी। इसके अलावा मस्टररोल और भुगतान से जुड़े दस्तावेज भी देखे जाएंगे। ग्रामीणों ने तत्कालीन पंचायत सचिव कमलेश्वरी कलमू, रोजगार सहायक कलमू जोगा और तत्कालीन सरपंच मुइया कुरामी के कार्यकाल में हुए भुगतान की जांच की मांग की थी। पांच साल से मजदूरी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को अब जांच से भुगतान मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे