बेटी को बचाने के लिए खूंखार तेंदुए से भिड़ा पिता, ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ा
- तेंदुए के हमले से एक ग्रामीण की मौत, चार वर्षीय बच्ची समेत कई घायल
धमतरी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र के कुछ गांवों में पिछले तीन दिनों से कई ग्रामीणों पर हमला करने वाला एक खूंखार तेंदुए से जब पिता अपनी बेटी को बचाने लड़ गया, तो ग्रामीणों ने मिल-जुलकर घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पकड़ने के बाद तेंदुए को जाल में ढककर रखा और वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। पकड़ाए तेंदुए के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। चार वर्षीय बच्ची समेत कई ग्रामीण घायल है, जिनका उपचार कई अस्पतालों में चल रहा है। तेंदुए के पकड़ाने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। इधर तेंदुए को वन विभाग कब्जा में लेकर जंगल सफारी भेज दिया है, जहां तेंदुए को विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जा सके।
सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्राम कारीपानी, आमानारा व आसपास के वनांचल गांवों में एक खूंखार तेंदुए जंगल छोड़कर पिछले तीन दिनों से गांवों में पहुंचकर लगातार ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहा था। तेंदुए के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि चार वर्षीय एक बच्ची समेत कई ग्रामीण घायल है, इससे आक्रोशित ग्रामीणों की नजर खूंखार तेंदुए पर था। वहीं वन विभाग इस तेंदुए को पकड़ने कुछ चिन्हांकित जगहों पर पिंजरा लगा रखे थे, लेकिन पकड़ से बाहर था। इस बीच 16 अक्टूबर की सुबह यह तेंदुए ग्राम आमानारा पहुंच गया और एक चार वर्षीय मासूम बच्ची सुहानी मरकाम पर तेंदुए हमला कर उन्हें घायल कर रहा था। पिता की नजर बेटी पर गई, तो उन्हें बचाने वह तेंदुए से भिड़ गया। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ ने तेंदुए को लकड़ी व रस्सी के सहारे बांधकर काबू पा लिया। तेंदुए पकड़ाने की खबर आमानारा व आसपास के गांवों में फैल गया, इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। यह खबर किसी तरह वन विभाग तक पहुंची, तो टीम गांव पहुंच गया।
ग्रामीणों ने पकड़े तेंदुए को वन विभाग के हवाले कर दिया। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तेंदुए को वाहन में बिठाकर ले गया। वन विभाग व ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार खूंखार तेंदुए पकड़ाने से पहले कई ग्रामीणों पर हमला किया। तेंदुए के गांव में घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। ग्रामीण तेंदुए को पकड़ने लाठी-डंडा लेकर ढूंढ रहा था, इस बीच तेंदुए ने आमानारा निवासी 42 वर्षीय प्रभु पर्दे पर भी जानलेवा हमला कर दिया। खून से लथपथ व गंभीर हालात में ग्रामीणों ने उन्हें उपचार के लिए नगरी अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से गांव में मातम छा गया। इससे पहले तेंदुए ने बहीगांव में भी एक बुजुर्ग पर हमला किया है, जिससे वह घायल है। इस तरह तेंदुए आमानारा, कारीपानी व बहीगांव समेत आसपास गांवों के 15 से अधिक ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल किया है, जिनका उपचार अस्पतालों में जारी है। बाइक सवार सदराम नेताम पर भी तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल किया है।
पिछले तीन दिनों से खूंखार तेंदुए से सिर्फ ग्रामीण ही दहशत में नहीं रहे। तेंदुए को पकड़ने ड्यूटी पर तैनात वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की भी चिंता बढ़ गई थी। लगातार ग्रामीणों पर तेंदुए के हमले से वन विभाग के अधिकारियों पर तेंदुए को पकड़ने दबाव बढ़ता जा रहा था। तेंदुए पर नजर रखने रात तक वन विभाग क्षेत्र में थर्मल ड्रोन चला रहे थे। वहीं ग्रामीणों को लगातार सचेत भी कर रहे थे, इस बीच आमानारा के ग्रामीणों द्वारा जब सुबह तेंदुए को पकड़ने की खबर उन तक पहुंची, तो विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
उदंती-सीतानदी टाईगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरूण जैन ने बताया कि, तेंदुए को प्राथमिक उपचार देने के बाद दोपहर तक जंगल सफारी भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसकी जांच और देखभाल की जा रही है। तेंदुए के लगातार ग्रामीणों पर हमला व व्यवहार में परिवर्तन को देखते हुए उसमें रैबीज की आशंका सहित अन्य संभावित कारणों की चिकित्सकीय जांच की जाएगी। जांच के बाद ही उसके व्यवहार के पीछे की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा