रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ ग्रामीणाें ने किया चक्काजाम, सड़क में लगी लंबी कतारें
रायपुर, 25 जून (हि.स.)। राजधानी के आरंग क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे रेत के अवैध कारोबार और शासन-प्रशासन की लगातार अनदेखी के खिलाफ ग्राम पंचायत कुटेला के ग्रामीणों ने आज गुरुवार काे आरंग-लवन मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
जानकारी के अनुसार आरंग क्षेत्र के ग्राम कुटेला में रेत माफियाओं का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि उन्होंने ग्रामीणों के निस्तारी तालाब (दैनिक उपयोग के तालाब) को ही पाट दिया है और वहां धड़ल्ले से रेत का अवैध भंडारण कर रहे हैं। इस संबंध में ग्राम सरपंच और ग्रामीणों द्वारा स्थानीय प्रशासन से लेकर सीएम हेल्पलाइन सेवा 1076 तक में लगातार शिकायतें दर्ज कराई गई थी, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी उच्चस्तरीय शिकायतों के बाद भी खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन ने माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्रशासन और खनिज विभाग की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार मुमकिन नहीं है। क्षेत्र में दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण धड़ल्ले से जारी है। कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर जानबूझकर अनदेखी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो जनता कहां जाए? हमारे गांव के संसाधनों को लूटा जा रहा है। तालाब नष्ट किए जा रहे हैं और अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं।
चक्काजाम की खबर मिलते ही आरंग पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को समझाने-बुझाने और चक्काजाम समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि ग्रामीण इस बार किसी खोखले आश्वासन को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक रेत माफियाओं के खिलाफ जमीनी स्तर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती और अवैध भंडारण को नहीं हटाया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल