कोल ब्लॉक आवंटन व ड्रोन सर्वे के विरोध में ग्रामीणों का चक्का जाम, 6 घंटे बाद प्रशासनिक आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन

 




कोरबा,27 फरवरी (हि. स.)। जिले के चचिया, तौबी पानी, बगामार, शिभाला बोटमार (गेरॉव), कटकोना, कुम्मुरा तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कोल ब्लॉक आवंटन और प्रस्तावित ड्रोन सर्वे को लेकर आज शुक्रवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिससे लगभग 5 से 6 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

ग्रामीणों का आरोप है कि वनाधिकार अधिनियम (FRA) के तहत ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य होने के बावजूद बिना प्रस्ताव और सहमति के खनन एवं सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्राम सभा के प्रस्ताव के बिना किसी भी प्रकार का खनन, भूमि अधिग्रहण या विस्थापन कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और युवा भी शामिल रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन पर स्थानीय समुदाय की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भूमि अधिकार, उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के संबंध में स्पष्ट नीति बनाई जाए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लंबी बातचीत और समझाइश के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ग्राम सभा की सहमति के बिना आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी तथा ग्रामीणों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में बिना अनुमति सर्वे या खनन का प्रयास किया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

यह आंदोलन क्षेत्र में भूमि अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और विस्थापन जैसे मुद्दों को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाता है।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी