धमतरी में वनांचल के विद्यार्थियों ने तकनीक से जोड़े नवाचार के कदम
धमतरी में वनांचल के विद्यार्थियों ने तकनीक से जोड़े नवाचार के कदम
धमतरी, 11 सितंबर (हि.स.)। सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ने की दिशा में सेजेस सिंगपुर में स्टेम रोबो हब इंडिया द्वारा हाईटेक रचनात्मक कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर अविनाश मिश्रा के नेतृत्व और जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), थ्रीडी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक और कोडिंग का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का संचालन स्टेम रोबो हब इंडिया के संस्थापक एवं निदेशक देवव्रत सिन्हा ने किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता तथा नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करना रहा। विद्यार्थियों को तकनीकी अवधारणाओं की जानकारी देने के साथ स्वयं प्रयोग करने, मॉडल तैयार करने और अपनी कल्पनाओं को तकनीकी परियोजनाओं में बदलने का अवसर भी मिला।
3डी प्रिंटिंग सत्र में विद्यार्थियों ने लिथोफेन, गृह-मॉडल, दीवार घड़ी, प्रतिमाएं, रोबोटिक आर्म, मानव कंकाल मॉडल, की-रिंग और आभूषण सहित कई उपयोगी व रचनात्मक मॉडल तैयार किए। वहीं रोबोटिक्स सत्र में विद्यार्थियों ने 15 से अधिक प्रकार के रोबोट का अवलोकन और संचालन किया। इनमें ऑब्स्टेकल अवॉइडिंग, लाइन फॉलोइंग, ह्यूमन फॉलोइंग, फायर फाइटिंग और वायरलेस नियंत्रित रोबोट प्रमुख रहे। वायरलेस रोबोट के माध्यम से फुटबॉल और मैत्रीपूर्ण मुकाबलों ने विद्यार्थियों में खासा उत्साह और जिज्ञासा पैदा की।
ड्रोन सत्र में विद्यार्थियों को ड्रोन की संरचना, आवश्यक घटकों और उड़ान प्रणाली की जानकारी दी गई। डीआईवाई ड्रोन किट के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वयं ड्रोन तैयार करने और उसके संचालन की बुनियादी समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। तकनीक आधारित उद्यमिता गतिविधि में विद्यार्थियों ने 50 से अधिक व्यावसायिक विचारों के मॉडल प्रस्तुत किए, जिससे उनमें नवाचार को उपयोगी उत्पाद और सेवा में बदलने की सोच विकसित हुई।
विद्यालय में आयोजित विज्ञान मेले में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 60 से अधिक उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। इनमें स्मार्ट नोटिस बोर्ड, आईओटी आधारित स्मार्ट स्विच बोर्ड, बारिश के दौरान स्वत: संचालित कपड़ा-सुरक्षा प्रणाली, स्मार्ट डोर लॉक और स्मार्ट ऊंचाई मापन प्रणाली आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने ब्लॉक कोडिंग, आर्डुइनो, सी प्लस प्लस और पाइथन जैसी प्रोग्रामिंग तकनीकों का उपयोग कर अपनी परियोजनाएं विकसित कीं। विशेष रूप से 150 से अधिक विद्यार्थियों ने कैमरे के सामने अपने-अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और तकनीकी विशेषताओं को स्वयं समझाया। इससे उनके तकनीकी ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और प्रस्तुतीकरण कौशल का भी विकास हुआ।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों का स्टेम रोबो हब इंडिया की वेबसाइट पर निःशुल्क पंजीयन कराया गया तथा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. व्ही.पी. चन्द्रा सहित व्याख्याताओं ने विभिन्न परियोजनाओं और प्रणालियों का परीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।
इस अवसर पर पालकों की ओर से माधव सिंह ठाकुर, पूर्व जनपद अध्यक्ष, डॉ. हेमंत साहू और टिकेश्वर ध्रुव उपस्थित रहे। समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. व्ही.पी. चन्द्रा ने कार्यशाला को ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। व्याखाता कल्याण कौशल और गोविंद नेताम ने भी इसे विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, रोचक और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने वाला अनुभव बताया।
इस तरह की गतिविधियां वनांचल के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के अवसरों से परिचित कराने के साथ उन्हें ‘सीखने से सृजन’ और ‘सृजन से समाधान’ की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा