बेमौसम बारिश:संग्रहित धान पर मंडराने लगा खतरा

 


धमतरी, 23 फ़रवरी (हि.स.)।धमतरी जिले के धान खरीद केन्द्रों में धान का उठाव समय पर नहीं होने के कारण अभी भी साढ़े 15 लाख क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जिस पर बेमौसम बारिश का खतरा मंडराने लगा है। वहीं संग्रहण केन्द्रों में भी लाखों क्विंटल धान रखा गया है, जिसे इन दिनों सुरक्षित रखा जा रहा है। खराब मौसम व हल्की बारिश के बीच धान को बचाने के लिए हालांकि धान को पालीथिन से ढका गया, ताकि बारिश में भींगने से बचाया जा सके।

जिले के सभी 100 खरीद केन्द्रों में एक लाख 24 हजार 463 किसानों से कुल 59 लाख 64 हजार 994 क्विंटल धान की खरीद समर्थन मूल्य पर की गई थी। केन्द्रों में रखे इस धान को मिलरों द्वारा उठाव किया जा रहा है। वर्तमान में सभी केन्द्रों से 44 लाख 13539 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है, जबकि खरीद केन्द्रों में अभी भी 15 लाख 51 हजार 454 क्विंटल धान रखा हुआ है। यह धान केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे रखा हुआ था, लेकिन 23 फरवरी की सुबह से मौसम में आई अचानक परिवर्तन और हल्की बारिश से लाखों क्विंटल धान पर बारिश से भींगने का खतरा मंडरा रहा था। बादल वाला मौसम और हल्की बारिश के बीच सभी केन्द्रों में धान को बारिश से भींगने से बचाने के लिए पालीथिन व तिरपाल से ढका गया। हालांकि यह बारिश सिर्फ 10 से 15 मिनट तक ही हुई। रूक-रूककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। हल्की बारिश के बीच जिले के सभी संग्रहण केन्द्रों में भी धान को बचाने के लिए पालीथिन से ढका गया।

संग्रहण केन्द्र जंवरगांव, भोयना, भाठागांव और पुरूर में इन दिनों खरीद केन्द्रों से लाकर धान का संग्रहित किया जा रहा है। धान को सुरक्षित ढंग से रखा गया है, ताकि भविष्य में बारिश होने पर धान पानी में न भींगे।

इस संबंध में जिला नोडल अधिकारी बीपी गोस्वामी ने कहा कि खराब मौसम और बारिश को देखते हुए सभी केन्द्रों में धान को बारिश से बचाने के लिए प्रबंधकों को निर्देशित किया गया था कि वे धान को पालीथिन या तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें। जिले में सभी जगह धान ढककर रखा गया है, कहीं भी धान भींगने की जानकारी नहीं मिली है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा